इलेक्ट्रिक परिवहन में नई क्रांति: इलेक्ट्रिगो ने लॉन्च किया लीजिंग समाधान, 50 ई-बसों के लिए GEMS के साथ मिलाया हाथ
| योगेश शर्मा
जयपुर/चेन्नई। भारत में शून्य-उत्सर्जन (जीरो-एमिशन) आधारितपरिवहन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए इलेक्ट्रिगो (ElectriGo) ने आज अपने फुल-स्टैक इलेक्ट्रिक बस लीजिंग प्लेटफॉर्म को आधिकारिक तौर पर लॉन्च कर दिया। इस लॉन्च के साथ ही कंपनी ने ग्रीन एनर्जी मोबिलिटी सॉल्यूशंस लिमिटेड (GEMS) के साथ 50 इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती के लिए एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
यह साझेदारी भारत के सार्वजनिक और कॉन्ट्रैक्ट परिवहन क्षेत्र में इलेक्ट्रिक बसों के व्यावसायिक उपयोग को गति देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
ज़ील मोबिलिटी का आगाज़: पायलट से वास्तविक तैनाती की ओर
अपनी परिचालन क्षमताओं को विस्तार देने के लिए GEMS ने ‘ज़ील मोबिलिटी’ (Zeal Mobility) नामक एक ग्रीन एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म भी लॉन्च किया है। यह प्लेटफॉर्म विशेष रूप से इलेक्ट्रिक पैसेंजर बसों और इलेक्ट्रिक ट्रकों पर केंद्रित होगा।
GEMS और ज़ील मोबिलिटी के डायरेक्टर सुनील कुमार रविंद्रन ने इस अवसर पर कहा, “हमारा लक्ष्य केवल पायलट प्रोजेक्ट्स तक सीमित रहना नहीं बल्कि वास्तविक धरातल पर तैनाती करना है। वित्त वर्ष 2026-27 तक हमारा रोडमैप 200 बसें, 150 ट्रक और 50 माइनिंग मशीनें तैनात करने का है, जिसे इलेक्ट्रिगो का तकनीकी और वित्तीय समर्थन मजबूती देगा।”
अनुभव से उपजा ‘इलेक्ट्रिगो’ का मॉडल
इलेक्ट्रिगो की जड़ें ‘टर्नो’ (Turno) की सफलता में छिपी हैं, जिसे 2021 में पूर्व ज़ूमकार CXOs हेमंत अलूरु और सुधींद्र रेड्डी ने शुरू किया था। टर्नो ने भारत के रिटेल मार्केट में इलेक्ट्रिक स्मॉल कमर्शियल व्हीकल (eSCV) के क्षेत्र में क्रांति ला दी थी। अब इलेक्ट्रिगो के माध्यम से 2024 में एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया गया है जहाँ:
- इंटीग्रेटेड चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध होगा।
- एक्टिव मेंटेनेंस और रियल-टाइम टेलीमैटिक्स से बसों की निगरानी होगी।
- बैटरी बायबैक गारंटी जैसे वित्तीय मॉडल से ऑपरेटरों का जोखिम कम होगा।
हैदराबाद से हुई पहली खेप की शुरुआत
इस समझौते के पहले चरण के तहत, इलेक्ट्रिगो आज हैदराबाद में 10 इलेक्ट्रिक बसों की पहली खेप डिलीवर कर रहा है। इन बसों के संचालन के लिए इलेक्ट्रिगो संपूर्ण मेंटेनेंस और परिचालन सहायता प्रदान करेगा, जिससे ऑपरेटरों को उच्च अपटाइम और सुचारु दैनिक संचालन का लाभ मिलेगा।
इलेक्ट्रिगो के सह-संस्थापक सुधींद्र रेड्डी पिडापा ने बताया, “हमारा लीजिंग मॉडल इलेक्ट्रिक बसों को ऑपरेटरों के लिए सुलभ और व्यावसायिक रूप से लाभकारी बनाता है। यह MoU स्वच्छ मोबिलिटी को अपनाने की हमारी साझा प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”
देशभर में विस्तार की योजना
इलेक्ट्रिगो वर्तमान में तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, गुजरात, राजस्थान और दिल्ली-NCR जैसे प्रमुख राज्यों में अपनी उपस्थिति मजबूत कर चुका है। कंपनी का लक्ष्य एक ऐसा स्केलेबल और आर्थिक रूप से टिकाऊ मॉडल पेश करना है जो भारत के परिवहन क्षेत्र को पूरी तरह से ‘ग्रीन’ बना सके।
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विवरण |
जानकारी |
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साझेदारी |
इलेक्ट्रिगो और GEMS (ज़ील मोबिलिटी) |
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लक्ष्य |
50 इलेक्ट्रिक बसों की तैनाती (प्रारंभिक चरण) |
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विस्तार क्षेत्र |
राजस्थान, दिल्ली-NCR सहित 7 प्रमुख राज्य |
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प्रमुख तकनीक |
रियल-टाइम टेलीमैटिक्स और इंटीग्रेटेड चार्जिंग |
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भावी रोडमैप |
2026-27 तक 200 बसें और 150 इलेक्ट्रिक ट्रक |

