नरेश गुनानी/ किशनगढ़ बास /खैरथल तिजारा/क्षेत्र में लगातार पड़ रही भीषण गर्मी और मॉनसून में हो रही देरी से चिंतित पूज्य सिंधी समाज ने एक अनूठी धार्मिक पहल की है। रविवार, 12 जुलाई 2026 की सुबह, किशनगढ़ बास के प्रसिद्ध संत कंवर राम हरि मंदिर में समाज की ओर से एक विशेष धार्मिक अनुष्ठान और महापूजन का आयोजन किया गया। इस अनुष्ठान का मुख्य उद्देश्य देवराज इंद्र को प्रसन्न करना और क्षेत्र को सूखे व तपती गर्मी से निजात दिलाना था।

विधि-विधान से हुआ पूजन और सामूहिक प्रार्थना
गर्मी के तीखे तेवरों और पानी की किल्लत से परेशान सिंधी समाज के सैकड़ों लोग रविवार सुबह मंदिर परिसर में एकत्रित हुए। विद्वान पुरोहितों के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ इंद्रदेव का विशेष पूजन संपन्न हुआ। इस दौरान समाज के लोगों ने हाथ जोड़कर क्षेत्र में शीघ्र और अच्छी वर्षा, सुख-समृद्धि, चारों ओर हरियाली और जनकल्याण के लिए प्रार्थना की।
पूजन के बाद पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। श्रद्धालुओं ने सामूहिक रूप से भजन-कीर्तन किए और प्रकृति के संतुलन व विशेष रूप से अन्नदाता (किसानों) की समृद्धि के लिए मंगलकामनाएं कीं।
शीतल शरबत और प्रसाद का वितरण
धार्मिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति के बाद परोपकार की भावना के तहत मंदिर परिसर में विशाल भंडारे का आयोजन हुआ। यहाँ दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं और आम राहगीरों को राहत देने के लिए ठंडे व शीतल शरबत का वितरण किया गया, साथ ही सभी को प्रसाद भी बांटा गया।
आमजन और किसानों की खुशहाली सर्वोच्च प्राथमिकता
सिंधी समाज के पदाधिकारियों ने इस अवसर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा:
”वर्षा के अभाव में इस समय किसान से लेकर आमजन तक हर कोई त्रस्त है। फसलों को पानी की दरकार है और जलस्रोत सूख रहे हैं। ऐसे संकट के समय में हमने ईश्वर के चरणों में शीश नवाया है ताकि क्षेत्र में समय पर अच्छी वर्षा हो, सूखी नदियाँ और तालाब फिर से भरें, फसलें लहलहाएं और पूरे क्षेत्र में सुख-शांति व खुशहाली का वातावरण बने।”
सामाजिक एकता की दिखी अनूठी मिसाल
यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रहा, बल्कि इसने सामाजिक एकता और जनकल्याण की भावना को भी मजबूती दी। कार्यक्रम में पूज्य सिंधी समाज के मुखी गोकुलदास मृगवानी, बाबा बाबूलाल चन्दनानी, नेभराज बतरा, नंदलाल, प्रभु दयाल चन्दनानी, राजेश कामदार, झामन दास हरवानी, सुनील बतरा, संजय बजाज, महेश बतरा, सुनील वलेचा सहित बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिक, मातृशक्ति (महिला श्रद्धालु) और युवा उपस्थित रहे।