इंडिया स्टोनमार्ट 2026: राजस्थान की खनिज संपदा देख अचंभित हुए देशी-विदेशी प्रतिभागी
| नरेश गुनानी
जयपुर, 6 फरवरी 2026। जयपुर के सीतापुरा स्थित जेईसीसी में आयोजित ‘इंडिया स्टोनमार्ट 2026’ में राजस्थान सरकार के माइंस, भूविज्ञान विभाग और आरएसएमएम (RSMM) का पवेलियन आकर्षण का मुख्य केंद्र बना हुआ है। यहाँ प्रदेश की धरा से निकलने वाले बेशकीमती खनिजों, डायमेंशनल स्टोन्स और रेयर अर्थ एलिमेंट्स का ऐसा प्रदर्शन किया गया है कि विदेशी खरीदार भी राजस्थान की विविधता देखकर दंग हैं।
खनिज संपदा का भव्य प्रदर्शन
प्रमुख सचिव, माइंस एवं भूविज्ञान, टी. रविकान्त ने पवेलियन का अवलोकन किया और वहां प्रदर्शित 40 से अधिक किस्मों के डायमेंशनल स्टोन्स और मेजर-माइनर मिनरल्स की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राजस्थान न केवल पत्थरों के लिए, बल्कि सोना, चांदी और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे आधुनिक युग के महत्वपूर्ण खनिजों के लिए भी वैश्विक पटल पर अपनी पहचान बना रहा है।
”राजस्थान दुनिया के उन चुनिंदा स्थानों में से है जहाँ चेजा पत्थर से लेकर सोना, कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस तक एक ही धरती में उपलब्ध हैं। स्टोनमार्ट जैसे आयोजन हमारी इस संपदा को वैश्विक बाजार से जोड़ने का बेहतरीन माध्यम हैं।”
— टी. रविकान्त, प्रमुख सचिव
एक ही छत के नीचे 57 प्रकार के खनिज
पवेलियन में प्रदेश में खनन किए जा रहे सभी 57 खनिजों के नमूने (सैंपल्स) प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें प्रमुख आकर्षण हैं:
- डायमेंशनल स्टोन्स: मार्बल, ग्रेनाइट, सैंडस्टोन, कोटा स्टोन और क्वार्टजाइट की 40 से अधिक किस्में।
- मेटेलिक मिनरल्स: गोल्ड (सोना), जिंक, लेड, तांबा और चांदी।
- नॉन-मेटेलिक एवं फर्टिलाइजर: रॉक फास्फेट, जिप्सम और विभिन्न केमिकल मिनरल्स।
- ईंधन: लिग्नाइट, कच्चा तेल और प्राकृतिक गैस।
विशेषज्ञों की टीम कर रही है मार्गदर्शन
आगंतुकों और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों की जिज्ञासाओं का समाधान करने के लिए विभाग की एक विशेष टीम तैनात है। अतिरिक्त निदेशक (जियोलॉजी) एसएन डोडिया के नेतृत्व में संजय सक्सैना, सुशील हुड्डा, दवेन्द्र सिंह, अमित मीणा और नवीन बाकोलिया की टीम डिस्प्ले बोर्ड और सैंपल्स के माध्यम से तकनीकी जानकारी साझा कर रही है। वहीं, आरएसएमएम के वरिष्ठ प्रबंधक असीम अग्रवाल रॉकफास्फेट और लाइमस्टोन जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की उपलब्धता पर प्रकाश डाल रहे हैं।
विदेशी प्रतिभागियों में भारी उत्साह
रेगिस्तानी क्षेत्र में इतनी खनिज विविधता देखकर अन्य राज्यों और विदेशों से आए प्रतिभागी दांतों तले उंगली दबा रहे हैं। प्रदर्शनी में न केवल पत्थरों की खूबसूरती दिखाई गई है, बल्कि उनकी मजबूती, उपलब्धता और भविष्य के भंडारों के बारे में भी विस्तार से बताया गया है।
