गणेश शर्मा | टेलीग्राफ टाइम्स
मस्कट:ओमान: हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के बीच सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित इंडियन ओशियन कॉन्फ्रेंस (IOC) का आठवां संस्करण ओमान की राजधानी मस्कट में संपन्न हो रहा है। इस दो दिवसीय सम्मेलन का आयोजन ओमान सरकार और इंडिया फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में किया गया है, जिसमें एस. राजारत्नम स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज, सिंगापुर का भी सहयोग रहा।
सम्मेलन में 60 देशों की भागीदारी
इस सम्मेलन में हिंद महासागर क्षेत्र के देशों के विदेश मंत्रियों समेत 60 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। उद्घाटन सत्र में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भाग लिया और क्षेत्रीय सहयोग को बढ़ावा देने पर बल दिया।

जयशंकर की द्विपक्षीय वार्ताएँ
सम्मेलन के दौरान एस. जयशंकर ने ईरान, मालदीव, मॉरीशस, श्रीलंका और नेपाल के विदेश मंत्रियों के साथ बैठकें कीं। इसके अलावा, उन्होंने बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के सलाहकार मोहम्मद तौहीद हुसैन से भी मुलाकात की। इन बैठकों में व्यापार, सुरक्षा, समुद्री सहयोग और आपसी संबंधों को लेकर चर्चा हुई।
पाकिस्तान को न्योता नहीं
हिंद महासागर क्षेत्र में होने के बावजूद, पाकिस्तान को इस सम्मेलन में आमंत्रित नहीं किया गया। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि भारत और अन्य क्षेत्रीय देशों के साथ उसके संबंध इस समय तनावपूर्ण बने हुए हैं।
भारत की भूमिका और महत्व
भारत इस सम्मेलन में नीली अर्थव्यवस्था (Blue Economy), समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और मुक्त नौवहन (Freedom of Navigation) जैसे विषयों पर विशेष ध्यान दे रहा है। हिंद महासागर में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच यह सम्मेलन रणनीतिक रूप से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

