जयपुर/ योगेश शर्मा/जगतपुरा स्थित स्वामी केशवानंद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट एंड ग्रामोत्थान (एसकेआईटी) में इंजीनियर्स डे के अवसर पर शोध प्रोत्साहन योजना (Research Incentive Scheme) के तहत भव्य ‘फैकल्टी फेलिसिटेशन समारोह’ आयोजित किया गया। संस्थान के ‘ज्ञान मंदिर’ सभागार में आयोजित इस गरिमामय कार्यक्रम में संकाय सदस्यों की शोध और नवाचार की उपलब्धियों को सराहा गया।
समारोह का मुख्य उद्देश्य संस्थान में उच्चस्तरीय अनुसंधान और अकादमिक उत्कृष्टता की संस्कृति को प्रोत्साहित करना रहा। इस दौरान प्रतिष्ठित जर्नल्स में उल्लेखनीय शोध-पत्र प्रकाशित करने वाले कुल 69 फैकल्टी सदस्यों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
154 शोध-पत्रों का प्रकाशन बना गौरव का विषय
कार्यक्रम में संस्थान के प्राध्यापकों द्वारा अकादमिक वर्ष में प्रकाशित कुल 154 गुणवत्तापूर्ण शोध-पत्रों की ऐतिहासिक उपलब्धि को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि यह कीर्तिमान तकनीकी शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में एसकेआईटी की निरंतर बढ़ती प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है।
प्रबंधन और शीर्ष नेतृत्व की उपस्थिति
फैकल्टी सदस्यों को सम्मानित करने के लिए मंच पर संस्थान का शीर्ष प्रबंधन मौजूद रहा। सम्मान वितरण समारोह में:
- चेयरमैन: सुरजाराम मील
- डायरेक्टर: जयपाल मील
- रजिस्ट्रार: रचना मील
- डायरेक्टर (एकेडमिक्स): प्रो. एस. एल. सुराणा
- प्राचार्य: प्रो. रमेश पचार
- डीन: प्रो. आर. के. जैन
संस्थान के चेयरमैन सुरजाराम मील एवं निदेशक जयपाल मील ने सम्मानित प्राध्यापकों को बधाई देते हुए कहा कि एक तकनीकी शिक्षण संस्थान की वास्तविक पहचान उसके अनुसंधान और नए अनुसंधानों के पेटेंट से होती है। उन्होंने युवा पीढ़ी को व्यावहारिक और समाजोपयोगी तकनीकी ज्ञान से समृद्ध करने का आह्वान किया।
डायरेक्टर एकेडमिक्स प्रो. एस. एल. सुराणा और प्राचार्य प्रो. रमेश पचार ने शोध प्रोत्साहन योजना के लाभों पर प्रकाश डाला और कहा कि यह योजना संकाय सदस्यों को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर उच्च गुणवत्ता वाले शोध कार्य करने के लिए निरंतर प्रेरित करती रहेगी। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं आभार ज्ञापन के साथ हुआ।