जयपुर/ नरेश गुनानी/तीर्थराज पुष्कर के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कुल 44.78 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। उन्होंने 1.40 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित भव्य स्वागत द्वार ‘श्री ब्रह्म द्वार’ का लोकार्पण किया तथा 43.38 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले नवीन उप-जिला चिकित्सालय के भवन का शिलान्यास किया।
आस्था और आधुनिक सुविधाओं का अनोखा संगम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जल संसाधन मंत्री ने कहा कि आस्था प्रदेश की पहचान है और विकास सरकार की प्रतिबद्धता। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार तीर्थराज पुष्कर की धार्मिक गरिमा को बनाए रखते हुए यहाँ आधुनिक आधारभूत सुविधाओं का निरंतर विस्तार कर रही है।
उन्होंने रेखांकित किया कि पुष्कर केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि संपूर्ण विश्व के लिए आस्था और आध्यात्म का प्रमुख केंद्र है। यहाँ आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आधारभूत ढांचा मजबूत किया जा रहा है।
विकास कार्यों के मुख्य बिंदु
1. ‘श्री ब्रह्म द्वार’ का लोकार्पण (1.40 करोड़ रुपये)
- सांस्कृतिक प्रतीक: 1.40 करोड़ रुपये की लागत से बना श्री ब्रह्म द्वार केवल एक प्रवेश द्वार नहीं, बल्कि पुष्कर की दिव्यता, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक गौरव का प्रतीक है।
- पर्यटन को बढ़ावा: यह भव्य प्रवेश द्वार देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का स्वागत करेगा और क्षेत्र में पर्यटन को नई गति प्रदान करेगा।
2. नवीन उप-जिला चिकित्सालय का शिलान्यास (43.38 करोड़ रुपये)
- अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं: 43.38 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह चिकित्सालय क्षेत्रवासियों को विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं, अत्याधुनिक जांचें और गुणवत्तापूर्ण उपचार की सुविधा पुष्कर में ही उपलब्ध कराएगा।
- अजमेर पर निर्भरता होगी कम: इस उप-जिला चिकित्सालय के शुरू होने से स्थानीय निवासियों को इलाज के लिए बार-बार अजमेर या अन्य बड़े शहरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत होगी।
जन-संवेदना और भावी विकास की प्रतिबद्धता
सुरेश सिंह रावत ने अपने संबोधन में कहा कि वे स्वयं एक किसान परिवार से आते हैं और ग्रामीण जीवन की कठिनाइयों तथा बीमारी के समय परिवार पर पड़ने वाले मानसिक व वित्तीय दबाव को अच्छी तरह समझते हैं। इसी संवेदनशीलता के कारण उन्होंने स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया है।
उन्होंने आगे कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल घोषणाएं करना नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुँचाना है। आने वाले समय में पुष्कर को एक आदर्श धार्मिक एवं पर्यटन नगरी के रूप में विकसित करने के लिए पेयजल, सड़क, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे को और मजबूत किया जाएगा।
कार्यक्रम में गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक अवसर पर आचार्य मधुसूदन जी, पुष्कर के निवर्तमान सभापति कमल जी पाठक, स्थानीय जनप्रतिनिधि, पार्षद गण तथा बड़ी संख्या में पुष्कर निवासी उपस्थित रहे।