आस्था और विरासत के संगम को साकार करेगी राज्य सरकार — मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा
महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट, तनोट माता मंदिर और पूंछरी का लौठा के विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
नरेश गुनानी •
जयपुर, 30 अक्टूबर 2025।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार विकास के साथ-साथ राजस्थान की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण के संकल्प को साकार करने के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आस्था धामों और प्रमुख पर्यटन स्थलों के विकास एवं पुनर्विकास कार्यों को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री ने गुरुवार को मु

ख्यमंत्री कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट, तनोट माता मंदिर और पूंछरी का लौठा के विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। बैठक में संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट: राजस्थान की गौरवगाथा का आधुनिक स्वरूप
मुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप के शौर्य, पराक्रम और त्याग की गाथा को जन-जन तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार एक समर्पित महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट विकसित कर रही है।
इस सर्किट में महाराणा प्रताप के जीवन से जुड़े प्रमुख स्थलों — चावंड, हल्दीघाटी, गोगुंदा, कुंभलगढ़, दिवेर और उदयपुर — को शामिल किया गया है। इस सर्किट के विकास के लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने चावंड स्थित महाराणा प्रताप के समाधि स्थल के विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रवेश द्वार, पुल निर्माण और पर्यटक सुविधाओं को सुनियोजित रूप से विकसित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने हल्दीघाटी में चेतक स्मारक के निर्माण की रूपरेखा पर चर्चा करते हुए कहा कि चेतक, जो महाराणा प्रताप के अद्वितीय स्वामीभक्त घोड़े के रूप में इतिहास में अमर है, का स्मारक ऐतिहासिक भव्यता और सम्मान के अनुरूप बनाया जाए।
तनोट माता मंदिर — श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने जैसलमेर स्थित तनोट माता मंदिर के पुनर्विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि यह स्थल आस्था, देशभक्ति और संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को श्रद्धालुओं के ठहरने, धर्मशाला निर्माण, प्रवेश द्वार और संपर्क सड़कों के विकास कार्यों को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि तनोट माता मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण उपलब्ध कराया जाए ताकि यह स्थान देश और विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।
पूंछरी का लौठा — विश्वस्तरीय सुविधाओं वाला धार्मिक स्थल बने
मुख्यमंत्री शर्मा ने पूंछरी का लौठा और गोवर्धन परिक्रमा मार्ग के प्रगतिरत विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निविदा प्रक्रिया में गति लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यह पावन धाम प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत के श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है।
उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र को विश्वस्तरीय सुविधाओं से युक्त धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए, जिससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं को उत्तम अनुभव प्राप्त हो।
ऐतिहासिक इमारतों के संरक्षण हेतु विशेष प्रकोष्ठ का गठन
मुख्यमंत्री ने बैठक में ऐतिहासिक इमारतों के निर्माण और संरक्षण के लिए विशेष प्रकोष्ठ (सेल) बनाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यह प्रकोष्ठ राज्य की पुरातात्त्विक धरोहरों, किलों, मंदिरों और ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण तथा पुनर्विकास कार्यों की निगरानी करेगा।
मुख्यमंत्री शर्मा ने अधिकारियों से कहा कि राजस्थान की सांस्कृतिक पहचान, परंपरा और धार्मिक गौरव को सहेजते हुए विकास कार्यों को गति दी जाए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इन परियोजनाओं से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्राप्त होगी।
बैठक में उपस्थित अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति से अवगत कराया और निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करने का आश्वासन दिया।