आराध्य देव गोविंद देवजी का पाटोत्सव 23 जनवरी को: बसंत पंचमी पर केसरिया रंग में रंगेगा दरबार, दर्शन समय में हुआ बदलाव
जयपुर | 16 जनवरी 2026
योगेश शर्मा
जयपुर के आराध्य देव ठिकाना मंदिर श्री गोविंद देव जी महाराज में आगामी 23 जनवरी को बसंत पंचमी के पावन अवसर पर ठाकुर जी का भव्य पाटोत्सव (पट्टाभिषेक) श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। मंदिर महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में होने वाले इस उत्सव की तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। पाटोत्सव के उपलक्ष्य में झांकियों के समय में भी आंशिक परिवर्तन किया गया है।
केसरिया पोशाक और सरस्वती पूजन
पाटोत्सव के दिन मंदिर का वातावरण पूरी तरह बसंती रंग में रंगा नजर आएगा:
- अभिषेक व पूजन: धूप झांकी खुलने पर सबसे पहले अधिवास पूजन होगा। श्रृंगार आरती के पश्चात जगमोहन के मध्य ठाकुर जी के सम्मुख मां सरस्वती का पूजन किया जाएगा।
- विशेष श्रृंगार: ठाकुर श्रीजी को केसरिया रंग की भव्य पोशाक धारण कराई जाएगी और पीले पुष्पों से विशेष श्रृंगार होगा।
- भोग: राजभोग आरती के समय केसरिया खीर सहित विभिन्न बसंती व्यंजनों का भोग अर्पित किया जाएगा।
ऐतिहासिक महत्व: गोमाटीला पर अभिषेक के दर्शन
मंदिर के सेवाधिकारी मानस गोस्वामी ने बताया कि माध्व-गौड़ीय संप्रदाय के ग्रंथ ‘भक्ति रत्नाकर’ के अनुसार, श्रील रूप गोस्वामी ने ठाकुर जी का प्राकट्य किया था। इसी परंपरा के तहत गोमाटीला पर श्रील रूप गोस्वामी द्वारा ठाकुर जी के प्राकट्य अभिषेक के भाव से दर्शन होंगे।
श्रद्धालुओं के लिए विशेष गाइडलाइन
मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा और व्यवस्था को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:
- दान व सामग्री: उत्सव के लिए कोई सेवा राशि या अभिषेक हेतु दूध, दही, घी, शहद, बूरा जैसी सामग्री स्वीकार नहीं की जाएगी।
- सुरक्षा: श्रद्धालु भारी बैग, कीमती आभूषण, और ज्वलनशील वस्तुएं मंदिर में न लाएं।
- सतर्कता: किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत मंदिर प्रशासन या सेवायतों को दें।
बसंत पंचमी (23 जनवरी) की झांकी समय-सारिणी
|
झांकी का नाम |
दर्शन का समय |
|---|---|
|
मंगला दर्शन |
प्रात: 04:00 से 04:15 |
|
विशेष अभिषेक |
प्रात: 05:00 से 05:15 |
|
धूप दर्शन |
प्रात: 08:30 से 09:45 |
|
श्रृंगार दर्शन |
प्रात: 10:15 से 10:45 |
|
राजभोग दर्शन |
प्रात: 11:15 से 11:45 |
|
ग्वाल दर्शन |
सायं 05:00 से 05:15 |
|
संध्या दर्शन |
सायं 05:45 से 06:45 |
|
शयन दर्शन |
रात्रि 08:00 से 08:15 |
(नोट: 24 जनवरी से दर्शन पूर्व की भांति नियमित समय-सारिणी के अनुसार होंगे।)

