नरेश गुनानी
जयपुर, 3 अप्रैल 2026 — मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की मंशा के अनुरूप राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (RUHS) को देश के प्रतिष्ठित संस्थान एम्स (AIIMS) की तर्ज पर राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेस (RIMS) के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसी क्रम में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने शुक्रवार को अस्पताल का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और अधिकारियों को मिशन मोड में काम करने के निर्देश दिए।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सवाई मानसिंह (SMS) अस्पताल पर रोगियों के बढ़ते दबाव को कम करने के लिए आरयूएचएस को विश्वस्तरीय संस्थान बनाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मिशन मोड में होगा रिम्स का विकास
मुख्य सचिव ने समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए:
- साप्ताहिक और मासिक लक्ष्य: विकास कार्यों की कछुआ चाल को खत्म करने के लिए साप्ताहिक और मासिक लक्ष्य निर्धारित करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि समयबद्ध कार्ययोजना बनाकर ही इस बड़े प्रोजेक्ट को पूरा किया जा सकता है।
- डिजिटल हेल्थ सिस्टम: रिम्स को पूरी तरह से डिजिटल प्रणाली पर आधारित किया जाएगा। इससे मरीजों को पंजीकरण से लेकर इलाज और रिपोर्ट प्राप्त करने में सुगमता होगी।
- बाधाओं का निस्तारण: संस्थान के विकास में आ रही प्रशासनिक या तकनीकी बाधाओं को तुरंत दूर कर सभी आवश्यक स्वीकृतियां जल्द प्राप्त करने पर जोर दिया गया।
- नियमों का उदारीकरण: रिम्स की स्थापना से संबंधित नियमों को शीघ्र अधिसूचित करने के निर्देश दिए गए ताकि आधारभूत ढांचे और उपकरणों की खरीद में तेजी आए।
विशेषज्ञों के साथ संवाद और तकनीकी सुझाव
बैठक में देश के विख्यात चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों ने भी भाग लिया। एम्स के डॉ. रमेश अग्रवाल, डॉ. संजीव लालवानी, डॉ. अशोक जारयाल, डॉ. राजेश खड़गावत और मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. एमके आसेरी ने रिम्स के विकास को लेकर तकनीकी सुझाव दिए। विशेषज्ञों ने अनुसंधान, शोध और विशेषज्ञ सेवाओं के विस्तार पर विशेष रोडमैप साझा किया।
जमीनी हकीकत जानने वार्डों में पहुंचे मुख्य सचिव
निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव केवल बैठक तक सीमित नहीं रहे, बल्कि उन्होंने ओपीडी, आईपीडी और आईसीयू का दौरा कर वास्तविक स्थिति देखी।
- उन्होंने भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद किया और अस्पताल की सुविधाओं व व्यवहार पर फीडबैक लिया।
- अस्पताल प्रशासन ने जानकारी दी कि हालिया अपग्रेडेशन के बाद आरयूएचएस में ओपीडी और आईपीडी की संख्या में भारी बढ़ोतरी हुई है और अब यहाँ जटिल बीमारियों का विशेषज्ञ इलाज भी संभव हो रहा है।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी
इस दौरे और बैठक के दौरान चिकित्सा एवं प्रशासन जगत के कई बड़े अधिकारी मौजूद रहे:
- बाबूलाल गोयल (चिकित्सा शिक्षा आयुक्त)
- नरेश गोयल (कृषि आयुक्त)
- डॉ. प्रमोद येवले (कुलगुरू, आरयूएचएस)
- डॉ. दीपक माहेश्वरी (प्रधानाचार्य, एसएमएस मेडिकल कॉलेज)
- डॉ. संदीप जसूजा (अधीक्षक, स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट)
- गरिमा नरूला (विशेषाधिकारी, मुख्य सचिव कार्यालय)
मुख्य सचिव ने अंत में कहा कि रिम्स न केवल बेहतर इलाज का केंद्र बनेगा, बल्कि चिकित्सा के क्षेत्र में अनुसंधान और शोध को भी एक नई दिशा प्रदान करेगा।
