जयपुर/ नरेश गुनानी/राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने कहा कि राजस्थान नगरीय आधारभूत विकास परियोजना (आरयूआईडीपी) प्रदेश के शहरी विकास की एक अत्यंत महत्वपूर्ण परियोजना है। इसके अंतर्गत विकसित की जा रही आधारभूत सुविधाओं का वास्तविक और अधिकतम लाभ आमजन तक पहुंचाने के लिए कार्यों की उच्च गुणवत्ता, नियमित निगरानी और प्रभावी संचालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों (एसटीपी) की लगातार मॉनिटरिंग, प्रोजेक्ट्स की इम्पैक्ट असेसमेंट (प्रभाव आकलन) रिपोर्ट तैयार करने तथा सफलता की कहानियों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
तृतीय, चतुर्थ और प्रस्तावित पंचम चरण की विस्तृत समीक्षा
बुधवार को शासन सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने आरयूआईडीपी के अंतर्गत चल रहे एवं प्रस्तावित कार्यों का खाका देखा:
- चरणबद्ध प्रगति: बैठक में आरयूआईडीपी के तृतीय एवं चतुर्थ चरण के कार्यों की वर्तमान प्रगति और वर्ष 2026-35 के लिए प्रस्तावित पंचम चरण की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
- 84 शहरों में विकास कार्य: प्रदेश के 84 शहरों में जारी जलापूर्ति, सीवरेज, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट), शहरी बाढ़ प्रबंधन, विरासत संरक्षण और पर्यटन से जुड़ी शहरी आधारभूत विकास परियोजनाओं की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।
स्थानीय निकायों की जवाबदेही और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट
मुख्य सचिव ने जोर देकर कहा कि सीवेज ट्रीटमेंट प्लांटों (STPs) का सुचारू संचालन और रखरखाव संबंधित शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मुख्य सचिव का निर्देश: सभी नगरीय निकाय एसटीपी की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें और परियोजनाओं के तहत निर्मित परिसंपत्तियों (Assets) का शत-प्रतिशत उपयोग करें, जिससे शहरवासियों को इसका पूरा फायदा मिल सके।
प्रभाव आकलन, पारदर्शी व्यवस्था और डिजिटल अपडेट
बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर कार्रवाई के निर्देश दिए:
- इम्पैक्ट असेसमेंट और डॉक्यूमेंटेशन: परियोजनाओं की प्रभाव आकलन रिपोर्ट नियमित रूप से तैयार और प्रकाशित की जाए। बाह्य सहायता प्राप्त (Externally Aided) परियोजना होने के कारण फंडिंग एजेंसियों के निरीक्षण, मूल्यांकन, कार्य प्रगति और छायाचित्रों का अद्यतन अभिलेखीकरण (Archiving) किया जाए।
- वेबसाइट का सुदृढ़ीकरण: आरयूआईडीपी की आधिकारिक वेबसाइट को अधिक उपयोगी, तथ्यपरक और अपडेटेड बनाया जाए।
- बेस्ट प्रैक्टिस और सफलता की कहानियां: विभिन्न शहरों में लागू की गई श्रेष्ठ कार्य प्रणालियों (Best Practices), परफॉर्मेंस मानकों और सफलता की कहानियों (Success Stories) को प्रमुखता से प्रदर्शित किया जाए, ताकि अन्य निकाय भी उनसे प्रेरणा लेकर अपने क्षेत्र में बेहतर काम कर सकें।
बैठक में उच्च अधिकारियों की उपस्थिति
इस समीक्षा बैठक में शासन सचिव (स्वायत्त शासन विभाग) रवि जैन, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के सदस्य सचिव, पर्यटन विभाग के प्रबंध निदेशक, स्थानीय निकाय निदेशालय के निदेशक, वित्त विभाग के संयुक्त सचिव (ईएपी) तथा आरयूआईडीपी के परियोजना निदेशक सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।