आबकारी आयुक्त ने विभागीय समीक्षा वीसी में अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश: ‘लक्ष्य के प्रति सजग रहें, कोताही बर्दाश्त नहीं’

जयपुर/ गौरव कोचर/आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने कहा कि राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप समस्त विभागीय लक्ष्य समयबद्ध सीमा में पूरे किए जाएं। यदि नियमित समीक्षा कर कार्ययोजना के अनुसार प्रगति की जाएगी, तो शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि राजकीय कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी और वांछित लक्ष्यों के प्रति असंवेदनशील अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई प्रस्तावित की जाएगी।

​आबकारी आयुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंस (वीसी) के माध्यम से आयोजित विभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक के दौरान प्रदेश के समस्त जिलों में राजस्व संग्रह, बंदोबस्त, बकाया वसूली एवं निरोधात्मक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा कर आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए गए।

​14 शेष मदिरा दुकानों की नीलामी सुनिश्चित करने के निर्देश

​नमित मेहता ने प्रदेश के 11 क्लस्टर में बंदोबस्त से शेष रही 14 मदिरा दुकानों से संबंधित जिलों—बारां, बीकानेर, जयपुर शहर, जैसलमेर, कोटा, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर एवं सिरोही—के अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी नीलामी प्रक्रिया में इन शेष दुकानों का बंदोबस्त हर हाल में सुनिश्चित करें। इन दुकानों की शत-प्रतिशत नीलामी होने से संबंधित जिलों को राजस्व लक्ष्य पूरा करने में सीधी मदद मिलेगी।

​राजस्व अर्जन में पिछड़ने वाले 13 जिलों को सतर्क किया

​आबकारी आयुक्त ने कहा कि राजस्व अर्जन विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जुलाई माह में राजस्व अर्जन में अपेक्षा के अनुरूप वृद्धि न करने वाले जिलों—धौलपुर, टोंक, झालावाड़, बारां, सवाई माधोपुर, बूंदी, दौसा, प्रतापगढ़, झुंझुनूं, श्रीगंगानगर, बांसवाड़ा, करौली एवं पाली—को विशेष योजना बनाकर लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए गए।

​इसके साथ ही, विभिन्न जिलों में मदिरा उठाव पर भी चर्चा हुई। कम उठाव वाले जिलों में निरोधात्मक गतिविधियों को बढ़ाने और प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए।

​बकाया वसूली के लिए संपत्ति अटैच और कुर्की की कार्रवाई

​वीसी में बताया गया कि राज्य सरकार बकाया वसूली को लेकर अत्यधिक गंभीर है। जिन जिलों में लक्ष्य के अनुरूप प्रगति नहीं होगी, वहां संबंधित जिला आबकारी अधिकारी (DEO), आबकारी निरीक्षक (CI) और प्रहराधिकारी (PO) की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। बकाया राशि वसूलने के लिए नियमानुसार संपत्ति अटैचमेंट और कुर्की की प्रगति रिपोर्ट लेते हुए तेजी से कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

​अवैध मदिरा पर प्रभावी रोकथाम और मुखबिर तंत्र को मजबूती

​प्रदेश में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन एवं बिक्री को पूरी तरह रोकने के लिए निरोधात्मक कार्रवाई में तेजी लाने और बड़ी कार्यवाहियां अंजाम देने को कहा गया। आयुक्त ने कहा कि मुखबिर तंत्र को मजबूत करते हुए अवैध शराब की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।

​बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी

​समीक्षा बैठक में अतिरिक्त आबकारी आयुक्त (नीति) प्रदीप सिंह सांगावत ने पीपीटी प्रेजेंटेशन के माध्यम से जिलेवार लक्ष्य और प्रगति की रिपोर्ट प्रस्तुत की। इस दौरान अतिरिक्त आबकारी आयुक्त (जोन) प्रभा गौतम, वित्तीय सलाहकार सुनिता विजय, उपायुक्त (ईपीएफ) प्रद्युम्न सिंह चुण्डावत सहित समस्त जोन के अतिरिक्त आयुक्त, उपायुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक एवं प्रहराधिकारी उपस्थित रहे।

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