नरेश गुनानी
उदयपुर। राजस्थान के राजस्व अर्जन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए सोमवार को आबकारी मुख्यालय, उदयपुर में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने की। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजकीय कर्तव्यों के निर्वहन में किसी भी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के मुख्य बिंदु और निर्देश
आयुक्त ने अधिकारियों और कार्मिकों को संबोधित करते हुए निम्नलिखित प्रमुख दिशा-निर्देश जारी किए:
- समयबद्ध निस्तारण: राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप सभी विभागीय कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करना अनिवार्य है।
- वित्तीय लक्ष्य: आबकारी विभाग प्रदेश के राजस्व का एक प्रमुख स्रोत है, इसलिए वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए ठोस रणनीति और त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता है।
- टीम भावना: लक्ष्यों को हासिल करने के लिए विभाग के सभी अनुभागों को आपसी समन्वय और अनुशासन के साथ ‘टीम भावना’ से काम करना होगा।
- कार्य संस्कृति: राजकीय दायित्वों के प्रति गंभीरता और पारदर्शिता विभाग की कार्य संस्कृति का हिस्सा होनी चाहिए।
विभागीय फीडबैक और चर्चा
बैठक के दौरान विभिन्न अनुभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की और भविष्य की आवश्यकताओं से आयुक्त को अवगत कराया। चर्चा में मुख्य रूप से निम्नलिखित अनुभाग शामिल रहे:
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प्रमुख अनुभाग |
चर्चा के विषय |
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आईटी एवं होलोग्राम |
तकनीकी सुदृढ़ीकरण और पारदर्शिता। |
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पॉलिसी एवं लीगल |
नीतिगत निर्णय और कानूनी प्रकरणों का त्वरित निस्तारण। |
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अभियोग एवं ईपीएफ |
प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा और भविष्य की कार्ययोजना। |
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प्रशासन एवं लेखा |
सामान्य प्रशासन, आरटीआई और वित्तीय लेखा-जोखा। |
अधिकारियों की उपस्थिति
बैठक में आयुक्त ने अधिकारियों से कार्यकुशलता बढ़ाने हेतु सुझाव भी मांगे ताकि राजकीय कार्यों में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सके। इस अवसर पर:
- प्रदीप सिंह सांगावत (अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, पॉलिसी)
- सुनिता विजय (वित्तीय सलाहकार)
- प्रद्युम्न सिंह चुण्डावत (उपायुक्त, ईपीएफ)
सहित मुख्यालय के विभिन्न अनुभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक का समापन लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
