जयपुर, 23 सितंबर/ नरेश गुनानी/जयपुर जिले में नागरिक सुरक्षा विभाग के सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों ने एक बार फिर अपनी तत्परता, अदम्य साहस और पेशेवर आपदा प्रबंधन कौशल का परिचय दिया है। कूकस क्षेत्र में करीब 90 फीट गहरे सूखे कुएं में फंसे चार लोगों को टीम ने बेहद चुनौतीपूर्ण और जोखिम भरे हालात के बीच सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
कैसे हुआ हादसा?
नागरिक सुरक्षा उप नियंत्रक अमित शर्मा के अनुसार, दोपहर के समय कंट्रोल रूम को सूचना मिली कि ग्राम कूकस में एक पुरुष और एक महिला दुर्घटनावश 90 फीट गहरे सूखे कुएं में गिर गए हैं। उन्हें बचाने की कोशिश में दो स्थानीय ग्रामीण भी कुएं में उतरे, लेकिन वे भी नीचे फंस गए और बाहर निकलने में असमर्थ रहे। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए त्वरित आपदा प्रतिक्रिया टीम (डीक्यूआरटी) को तुरंत उपकरणों के साथ घटनास्थल के लिए रवाना किया गया।
तकनीकी सूझबूझ और क्रेन से रेस्क्यू
कुएं की संरचना कच्ची होने के कारण बचाव अभियान बेहद संवेदनशील और जानलेवा जोखिमों से भरा था। कुएं की दीवारों के धंसने (मिट्टी ढहने) की आशंका लगातार बनी हुई थी। ऐसे में सिविल डिफेंस की टीम ने अत्यधिक सावधानी और तकनीकी रणनीति अपनाई। भारी क्रेन की मदद से बचाव उपकरणों को नीचे उतारा गया और जवानों ने योजनाबद्ध तरीके से एक-एक करके चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।
दो घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया
रेस्क्यू किए गए चार व्यक्तियों में से शुरुआत में गिरे महिला और पुरुष की हालत गंभीर थी। उन्हें मौके पर मौजूद 108 एंबुलेंस की सहायता से तत्काल नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। बाद में कुएं में उतरे अन्य दो व्यक्तियों को प्राथमिक जांच के बाद सुरक्षित पाया गया, उन्हें कोई गंभीर चोट नहीं आई।
प्रशासनिक मार्गदर्शन और जांबाज टीम
इस पूरे राहत एवं बचाव अभियान का सीधा सुपरविजन जिला कलेक्टर एवं नियंत्रक (नागरिक सुरक्षा) द्वारा किया गया, जबकि एडीएम साउथ के सीधे मार्गदर्शन में ऑपरेशन को प्रभावी तरीके से संचालित किया गया।
उप नियंत्रक अमित शर्मा के नेतृत्व में चले इस अभियान में स्वयंसेवक आसिफ खान, साकिब, निक्की, अफजल, युवराज और लक्ष्मण सिंह सहित नागरिक सुरक्षा टीम के अन्य जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देकर सराहनीय भूमिका निभाई।