आधार के दुरूपयोग को रोकने में एआई की महत्वपूर्ण भूमिका, साइबर फ्रॉड पर लगेगा अंकुश – मुख्य सचिव
28 अगस्त 2025, 04:20 PM नरेश गुनानी।टेलीग्राफ टाइम्स
जयपुर, 28 अगस्त। मुख्य सचिव सुधांश पंत ने कहा कि प्रदेश में आधार के दुरूपयोग एवं इससे होने वाले साइबर फ्रॉड को रोकने के लिए एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का उपयोग जरूरी है। उन्होंने कहा कि बाल आधार (5 साल तक के बच्चों का आधार) सैचुरेशन को बढ़ाने के लिए सम्बंधित सभी विभाग आवश्यक कार्यवाही में तेजी लाएं और लंबित कार्यों को शीघ्र पूरा करें।

मुख्य सचिव गुरुवार को शासन सचिवालय में आयोजित यूआईडी कार्यान्वयन समिति (यूआईडीआईसी) की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आधार की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए तकनीक के इस दौर में एआई का उपयोग कर आधार से सम्बंधित साइबर फ्रॉड को रोका जा सकता है। अधिकारियों को इस दिशा में ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पंत ने बाल नामांकन को बढ़ावा देने के लिए शिक्षा विभाग तथा महिला एवं बाल विकास विभाग को आवश्यक कार्यवाही के दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 5 वर्ष तक आयु के बच्चों के आधार नामांकन के लिए प्रदेश में प्री-स्कूल और आंगनबाड़ियों में विशेष अभियान चलाकर जागरूकता फैलाई जाए। प्रदेश के सरकारी एवं निजी विद्यालयों को इस सम्बन्ध में निर्देशित कर नामांकन में वृद्धि सुनिश्चित की जाए। विभिन्न आईईसी गतिविधियों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार कर माता-पिता को बाल आधार नामांकन के लिए प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने प्रशिक्षण कार्यक्रमों के संचालन पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। साथ ही, आधार नामांकन एवं अपडेशन की प्रक्रिया में अन्य आवश्यक दस्तावेजों के डिजिटाइजेशन की भी आवश्यकता बताई।
बैठक में भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई), नई दिल्ली के क्षेत्रीय कार्यालय के निदेशक कुमार उज्ज्वल ने राज्य में आधार सैचुरेशन की स्थिति एवं अन्य आवश्यक विषयों पर जानकारी दी। शासन सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार, अर्चना सिंह ने नोडल विभाग द्वारा किये जा रहे प्रयासों एवं प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।
इस अवसर पर पिछली बैठक में विभागों को दिए गए निर्देशों के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की गई। समीक्षा के तहत अनिवार्य बायोमीट्रिक अपडेट, आधार लिंक बर्थ रजिस्ट्रेशन (एएलबीआर), स्टेट वेरिफिकेशन पोर्टल की स्थिति, जिला स्तरीय आधार मॉनिटरिंग समिति (डीएलएएमसी) जैसे विषयों की प्रगति साझा की गई। साथ ही प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) योजनाओं और सुशासन कार्यक्रमों में आधार-सक्षम सेवाओं की स्थिति पर भी चर्चा हुई।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर ए. सावंत, प्रमुख शासन सचिव आयोजना भवानी सिंह देथा, प्रमुख शासन सचिव राजस्व दिनेश कुमार, शासन सचिव महिला एवं बाल विकास महेंद्र सोनी, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. रवि प्रकाश शर्मा, परियोजना निदेशक डॉ. संतोष कुमार गोयल, संयुक्त सचिव वित्त सियाज, संयुक्त सचिव स्कूल शिक्षा मनीष गोयल, संयुक्त सचिव कृषि रामनारायण बड़गुजर, अतिरिक्त निदेशक कृषि सुरेन्द्र सिंह शेखावत, एसडीओ बीएसएनएल संजय मित्तल, इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक के एरिया जनरल मैनेजर आलोक भंडारी, इंडिया पोस्ट के चीफ पोस्ट मैनेजर जनरल रोहित जैन, कॉमन सर्विस सेंटर के रीजनल हेड आशीष पवन सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।