जयपुर/ गौरव कोचर/राजधानी जयपुर के आदर्श नगर थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए एक डिपार्टमेंटल स्टोर का शटर तोड़कर की गई लाखों की नकबजनी की वारदात का महज 24 घंटे में पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मामले में दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने के साथ ही दो विधि से संघर्षरत बालकों को निरुद्ध किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई संपूर्ण नकदी बरामद करने में शत-प्रतिशत सफलता हासिल की है।
दुकान का ताला तोड़कर पार किए थे 75 हजार रुपये
पुलिस उपायुक्त जयपुर पूर्व रंजीता शर्मा (IPS) ने बताया कि 31 अगस्त 2026 को परिवादी सुनिल कुमार (उम्र 56 वर्ष, निवासी गेटोर, थाना एयरपोर्ट सर्किल, जयपुर पूर्व) ने थाने में उपस्थित होकर रिपोर्ट दी थी। रिपोर्ट के अनुसार, 30 अगस्त की रात करीब 9:00 बजे वह अपनी दुकान पर ताला लगाकर घर गए थे। अगली सुबह जब दुकान पहुंचे तो ताले टूटे मिले और गल्ले में रखे लगभग 70 से 75 हजार रुपये नदारद थे। इस पर पुलिस ने बीएनएस की संबंधित धाराओं में अभियोग संख्या 204/2026 दर्ज कर जांच शुरू की।
उच्चाधिकारियों की निगरानी में टीम ने 24 घंटे में दबोचा गिरोह
वारदात की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त पारसमल जैन (RPS) के निर्देशन, सहायक पुलिस आयुक्त आदर्श नगर जितेन्द्र सिंह शेखावत (RPS) के सुपरविजन और थानाधिकारी आदर्श नगर छगन डांगी (पुलिस निरीक्षक) के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल का बारिकी से मुआयना किया, संदिग्धों पर नजर रखी और मुखबिर तंत्र की सटीक सूचना के आधार पर दबिश देकर दोनों शातिर आरोपियों को धर दबोचा तथा दो बाल अपचारियों को निरुद्ध किया। पुलिस ने दुकान से चुराई गई संपूर्ण नकदी बरामद कर ली है।
गिरफ्तार आरोपियों एवं निरुद्ध बालकों का विवरण
- रोहन चेढ़वाल (उम्र 22 वर्ष), पुत्र राजू चेढ़वाल, निवासी मकान नंबर 53, सूत्रखाना, शिव शंकर कॉलोनी, आदर्श नगर, जयपुर।
- हेमराज धानका उर्फ कालू (उम्र 19 वर्ष), पुत्र लालाराम धानका, निवासी मोहल्ला फकीरान, मालताना तिराहा, विराटनगर, जिला कोटपूतली-बहरोड़; हाल निवासी सर्वे नंबर 104, अमरनाथ की बगीची, जनता कॉलोनी, थाना आदर्श नगर, जयपुर।
- दो विधि से संघर्षरत बालकों को संरक्षण में लेकर निरुद्ध किया गया।
पुलिस पकड़े गए आरोपियों से गहनता से पूछताछ कर रही है, जिनसे शहर में हुई नकबजनी और चोरी की अन्य वारदातों के खुलासे होने की प्रबल संभावना है।
कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम:
छगन डांगी (थानाधिकारी), बलदेव सिंह (सहायक उप-निरीक्षक) और रामनिवास (हैड कांस्टेबल)।