आईसीएमआर की “शाइन” पहल: देशभर में 13 हज़ार से अधिक छात्रों ने जाना विज्ञान, स्वास्थ्य और नवाचार का महत्व
By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
नई दिल्ली, 8 अगस्त 2025
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के छात्रों को “एक दिन वैज्ञानिक के रूप में बिताने” के आह्वान को मूर्त रूप देते हुए, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) और स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग (DHR) ने 7 और 8 अगस्त 2025 को देशभर में अपने संस्थानों और DHR-मॉडल ग्रामीण स्वास्थ्य अनुसंधान इकाइयों (MRHRUs) में “शाइन-नेक्स्टजेन इन्वेस्टिगेटर्स के लिए साइंस, हेल्थ एंड इनोवेशन” नामक राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया।

इस ओपन डे कार्यक्रम में 16 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 39 जिलों के 300 से अधिक विद्यालयों से कक्षा 9 से 12 तक के 13,150 छात्र शामिल हुए। इसका उद्देश्य छात्रों को स्वास्थ्य एवं जैव-चिकित्सा अनुसंधान से परिचित कराना, देश की स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने में ICMR की भूमिका को प्रदर्शित करना और युवा पीढ़ी को विज्ञान व जन स्वास्थ्य के क्षेत्र में करियर अपनाने के लिए प्रेरित करना था।
वैज्ञानिक सोच और जिज्ञासा पर जोर
कार्यक्रम के दौरान DHR सचिव एवं ICMR महानिदेशक डॉ. राजीव बहल ने कहा—
“यह केवल एक दौरा नहीं, बल्कि एक निमंत्रण है कि आप स्वयं को वैज्ञानिक के रूप में ढालें। हम चाहते हैं कि आप देखें, सवाल करें और प्रयोगशालाओं में प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करें। यही जिज्ञासा, प्रमाण और महत्वाकांक्षा हमें विकसित भारत की ओर ले जाएगी।”
उन्होंने युवाओं से वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने, नवाचार को बढ़ावा देने और स्वास्थ्य अनुसंधान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
इंटरएक्टिव और प्रेरक गतिविधियां
दो दिवसीय इस कार्यक्रम में छात्रों के लिए कई संवादात्मक गतिविधियां आयोजित की गईं, जिनमें शामिल थीं—
- निर्देशित प्रयोगशाला भ्रमण
- शोध प्रदर्शनियां और पोस्टर वॉक
- वीडियो प्रस्तुतियां और लाइव डेमो
- वैज्ञानिकों से प्रत्यक्ष वार्तालाप
कार्यक्रम को रोचक और यादगार बनाने के लिए “डॉ. क्यूरियो” नामक एक शुभंकर भी पेश किया गया, जो छात्रों के लिए दिनभर एक दोस्ताना मार्गदर्शक की भूमिका निभाता रहा।

विशेष फिल्में और प्रमुख विषय
छात्रों को ICMR की प्रमुख पहलों से परिचित कराने के लिए चार लघु फिल्में प्रदर्शित की गईं—
- कोवैक्सीन – भारत के स्वदेशी कोविड-19 टीके का विकास
- IDRON पहल – अभिनव स्वास्थ्य सेवा वितरण
- टीबी उन्मूलन प्रयास – भारत की लड़ाई
- विष्णु युद्ध अभ्यास – भविष्य की महामारी की तैयारी हेतु राष्ट्रीय मॉक ड्रिल
विशेष दिन का महत्व
8 अगस्त का दिन विशेष महत्व रखता है, क्योंकि इसी दिन डॉ. वुलिमिरी रामलिंगस्वामी—भारत के प्रतिष्ठित चिकित्सा वैज्ञानिक, रोगविज्ञानी और लेखक—की 104वीं जयंती थी। उनकी वैज्ञानिक विरासत आज भी शोधकर्ताओं और छात्रों को प्रेरित करती है।