जयपुर, 17 अगस्त/ नरेश गुनानी/सवाई मानसिंह (एसएमएस) मेडिकल कॉलेज में निर्माणाधीन महत्वाकांक्षी आईपीडी टावर के कार्यों और उसके संचालन की तैयारियों को लेकर सोमवार को उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में टावर के निर्माण, चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार और प्रशासनिक प्रबंधन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विभागवार समीक्षा की गई।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आईपीडी टावर के सुचारू संचालन के लिए चिकित्सकों, नर्सिंग कर्मियों और सहायक स्टाफ की पृथक से पर्याप्त नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। इससे टावर शुरू होने के बाद मरीजों को बिना किसी बाधा के उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
मरीजों की सुरक्षा और सुविधाओं पर विशेष जोर
समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की स्थापना, बेड क्षमता, फायर सेफ्टी और एम्बुलेंस के सुगम आवागमन के लिए बनाए जा रहे रैंप की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने निर्देश दिए कि टावर में उच्च तकनीक आधारित चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ मरीजों की सुरक्षा, सुविधा और बेहतर अस्पताल प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
राष्ट्रीय संस्थानों की तर्ज पर तय होंगे शुल्क
मुख्य सचिव ने कहा कि आईपीडी टावर में उपचार और अन्य जांच सुविधाओं के शुल्क इस प्रकार निर्धारित किए जाएं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों पर अनावश्यक वित्तीय भार न पड़े। इसके लिए उन्होंने अधिकारियों को एम्स (AIIMS) सहित देश के अन्य प्रमुख राष्ट्रीय चिकित्सा संस्थानों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर जनहित में उपयुक्त शुल्क ढांचा तैयार करने के निर्देश दिए।
समयबद्ध कार्य पूर्ण करने के निर्देश
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा के अनुरूप इस बहुमंजिला चिकित्सा केंद्र का कार्य तय समय सीमा में पूरा कर इसे शीघ्र आमजन को समर्पित करने के निर्देश दिए गए। शेष निर्माण कार्यों को गति देने के लिए संबंधित विभागों के बीच परस्पर समन्वय पर बल दिया गया।
बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वरिष्ठ चिकित्सक एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।