साइबर सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश, एआई आधारित प्रणालियों के उपयोग पर जोर
- राज्य की ट्रेजरी प्रणाली को और अधिक मजबूत, विश्वसनीय और ट्रेसेबल बनाएंगे
- कार्मिकों के नियमित प्रशिक्षण और यूजर फ्रेंडली सिस्टम विकसित करने के निर्देश
प्रौद्योगिकी आधारित सुशासन की ओर बढ़ते कदम
जयपुर, 3 जून 2026। नरेश गुनानी
राजस्थान सरकार तकनीक आधारित सुशासन को मजबूत करने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही है। इस कड़ी में ‘इंटीग्रेटेड फाइनेंशियल मैनेजमेंट सिस्टम’ (आईएफएमएस 3.0) राज्य की वित्तीय व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह, ट्रेसेबल और नागरिक-केंद्रित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने बुधवार को सचिवालय में आयोजित आईएफएमएस 3.0 वेबिनार के दौरान इसके सुदृढ़ीकरण की बात कही। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सुशासन की सोच के अनुरूप राज्य की ट्रेजरी और वित्तीय प्रबंधन प्रणाली को आधुनिक, मजबूत और विश्वसनीय बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।
योजनाओं के क्रियान्वयन, भुगतान प्रक्रिया, वित्तीय निगरानी तथा लेखा प्रबंधन में आधुनिक तकनीकों का व्यापक उपयोग सुनिश्चित किया जा रहा है ताकि पूरी प्रणाली को और अधिक सक्षम बनाया जा सके।
मुख्य सचिव के प्रमुख निर्देश
मुख्य सचिव ने वेबिनार के दौरान अधिकारियों को वित्तीय प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए:
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- आधुनिक तकनीकों और AI का समावेश: आईएफएमएस 3.0 को और अधिक यूजर फ्रेंडली बनाया जाए। साथ ही इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित सुविधाओं और आधुनिक तकनीकों के उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जाए।
- समन्वय और सरलीकरण: विभिन्न विभागों के मध्य बेहतर समन्वय स्थापित हो, प्रक्रियाओं का सरलीकरण किया जाए और विभिन्न जिलों में अपनाई जा रही सर्वश्रेष्ठ कार्यप्रणालियों (Best Practices) को आपस में साझा किया जाए।
- नियमित प्रशिक्षण: आहरण व वितरण अधिकारियों (DDOs), जिला स्तरीय अधिकारियों और संबंधित कार्मिकों के लिए नियमित प्रशिक्षण एवं क्षमता विकास कार्यक्रम आयोजित किए जाएं ताकि वे प्रणाली का सुचारू रूप से उपयोग कर सकें।
साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर:
डिजिटल वित्तीय प्रणाली में डेटा सुरक्षा को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए मुख्य सचिव ने साइबर सुरक्षा की समीक्षा की। उन्होंने मजबूत साइबर सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, नियमित सुरक्षा ऑडिट करने और साइबर खतरों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डेटा की सुरक्षा और विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए सभी विभागों को पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ काम करना होगा।
अन्य राज्यों के लिए मॉडल बन रहा राजस्थान
वेबिनार में वित्त विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने बताया कि आईएफएमएस 3.0 राज्य की वित्तीय व्यवस्था को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है। विभिन्न विभागों और योजनाओं को चरणबद्ध तरीके से इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है, और ‘एसएनए स्पर्श’ (SNA SPARSH) सहित विभिन्न वित्तीय प्रणालियों का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है। राजस्थान की इस सुदृढ़ वित्तीय प्रबंधन प्रणाली का अध्ययन अब अन्य राज्य भी कर रहे हैं।
विस्तृत प्रस्तुतीकरण और अधिकारियों की उपस्थिति
कार्यक्रम के दौरान अतिरिक्त निदेशक (आईएफएमएस) मनीष शुक्ला ने आईएफएमएस 3.0 के विभिन्न मॉड्यूल्स, ट्रेजरी प्रबंधन, राजस्व प्रबंधन प्रणाली, हेल्प डेस्क एवं सपोर्ट सिस्टम, एसएनए स्पर्श तथा साइबर सुरक्षा व्यवस्थाओं पर एक विस्तृत प्रस्तुतीकरण (Presentation) दिया।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी:
इस महत्वपूर्ण वेबिनार में विशेष शासन सचिव वित्त (बजट) शिवांगी स्वर्णकार, संयुक्त शासन सचिव (कोष एवं लेखा) संध्या शर्मा सहित बजट, वित्त, कोष एवं लेखा विभाग और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) व एनआईसी (NIC) के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा, विभिन्न जिलों के जिला कलेक्टर, कोषाधिकारी और उप कोषाधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस वेबिनार से जुड़े।