आईएएस प्रशिक्षुओं ने जाना जयपुर पुलिस का ‘हाईटेक’ सुरक्षा चक्र, अभय कमांड सेंटर की तकनीक से हुए रूबरू

गौरव कोचर 

जयपुर। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) बैच 2025 के सात प्रशिक्षु अधिकारियों ने बुधवार को जयपुर पुलिस कमिश्नरेट परिसर में स्थित अत्याधुनिक ‘अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर’ (Abhay Command and Control Centre) का दौरा किया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और महिला सुरक्षा के क्षेत्र में उपयोग की जा रही आधुनिक तकनीकों की व्यावहारिक कार्यप्रणाली को समझना था।

​अत्याधुनिक तकनीकी संसाधनों का लाइव प्रदर्शन

​भ्रमण के दौरान पुलिस कमिश्नर श्री सचिन मित्तल ने प्रशिक्षु अधिकारियों का स्वागत किया और उन्हें सेंटर के त्रिस्तरीय सुरक्षा व निगरानी ढांचे से अवगत कराया। कमिश्नर ने सेंटर में उपलब्ध वर्ल्ड-क्लास तकनीकी संसाधनों की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि किस तरह वीडियो सर्विलांस, डायल 100/112 सिस्टम, कुशल डिस्पेचर सिस्टम और फॉरेंसिक साइंस तकनीकों का तालमेल अपराधों को रोकने में मददगार साबित हो रहा है।

​अधिकारियों को इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के काम करने के तरीके को भी समझाया गया, जिसके जरिए शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू और नियमबद्ध बनाया जा रहा है।

​महिला सुरक्षा और त्वरित पुलिस रेस्पॉन्स पर रहा विशेष जोर

​पुलिस कमिश्नर श्री सचिन मित्तल ने बताया कि जयपुर पुलिस तकनीक के अधिकतम उपयोग से आम जनता को सुरक्षित और भयमुक्त माहौल देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा:

​”संकट के समय जैसे ही कंट्रोल रूम को किसी घटना की सूचना मिलती है, डिस्पेचर सिस्टम के जरिए तुरंत निकटतम पीसीआर (PCR) या पुलिस चेतक को अलर्ट किया जाता है। पुलिस त्वरित गति से मौके पर पहुंचकर पीड़ित की सहायता सुनिश्चित करती है।”

 

​इस दौरान कमिश्नर ने विशेष रूप से महिला सुरक्षा ऐप और जयपुर पुलिस की महत्वाकांक्षी ‘महिला गरिमा’ पहल के बारे में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि कैसे यह तकनीक संकट में फंसी महिलाओं को तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने में रीढ़ की हड्डी साबित हो रही है।

​तीसरी आँख की निगरानी: वीडियो वॉल पर देखा लाइव डेमोंस्ट्रेशन

​अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री राजेंद्र सिंह ने प्रशिक्षुओं को फील्ड नेटवर्क की जानकारी देते हुए बताया कि जयपुर शहर के तमाम प्रमुख मार्गों, चौराहों, संवेदनशील इलाकों और राष्ट्रीय राजमार्गों (Highways) पर लगे हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी (CCTV) कैमरों को अभय कमांड सेंटर से सीधे जोड़ा गया है।

​प्रशिक्षु अधिकारियों को कमांड सेंटर की विशाल ‘वीडियो वॉल’ पर इन कैमरों के जरिए लाइव सर्विलांस और मॉनिटरिंग का प्रदर्शन भी दिखाया गया, जिससे वे समझ सके कि पुलिस किस तरह एक ही जगह बैठकर पूरे शहर की कानून व्यवस्था पर पैनी नजर रखती है।

​प्रशासनिक अधिकारियों ने सराहा जयपुर पुलिस का मॉडल

​दौरे के समापन पर आईएएस बैच 2025 के प्रशिक्षु अधिकारियों ने अभय कमांड सेंटर की कार्यप्रणाली को बेहद प्रभावशाली और जन-उपयोगी बताया। अधिकारियों ने माना कि आधुनिक दौर में अपराधों की रोकथाम, अनुसंधान और प्रभावी कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह केंद्र एक रोल मॉडल की तरह काम कर रहा है, जो पुलिसिंग को स्मार्ट और रिस्पॉन्सिव बनाता है।

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