जोधपुर/रांची/ नरेश गुनानी/झारखंड में सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और हार्डवेयर क्षेत्र में समावेशी प्रतिभा एवं नवाचार का एक मजबूत इकोसिस्टम विकसित करने के उद्देश्य से झारखंड सरकार और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) जोधपुर ने हाथ मिलाया है। झारखंड सरकार के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में आईआईटी जोधपुर का दौरा कर व्यापक Silicon Minds Framework के तहत प्रस्तावित TWISH–Jharkhand (Tribal Women in Semiconductor and Hardware) कार्यक्रम पर विस्तृत रणनीतिक चर्चा की।
पहल का मुख्य उद्देश्य और लक्षित समूह
इस प्रस्तावित पहल का मुख्य फोकस समाज के उन वर्गों को अत्याधुनिक तकनीकी अवसरों से जोड़ना है जो मुख्यधारा से दूर रह जाते हैं। इसके तहत:
- आदिवासी एवं ग्रामीण युवाओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा से जोड़ना।
- STEM (Science, Technology, Engineering, Mathematics) क्षेत्र की छात्राओं और महिलाओं को प्राथमिकता देना।
- इंजीनियरिंग, डिप्लोमा, ITI और पॉलिटेक्निक के विद्यार्थियों को सेमीकंडक्टर उद्योग की मांग के अनुसार तैयार करना।
प्रशिक्षण और लर्निंग पाथवे
TWISH–Jharkhand कार्यक्रम को केवल सैद्धांतिक शिक्षा तक सीमित न रखकर व्यावहारिक कौशल और रोजगार आधारित मॉडल के रूप में तैयार किया जा रहा है।
- पाठ्यक्रम के प्रमुख क्षेत्र: VLSI Design and Simulation, Embedded Systems, PCB एवं IoT, Semiconductor Fundamentals, Cleanroom Exposure तथा Fabrication।
- समग्र पाथवे: प्रतिभा की शुरुआती पहचान से लेकर उन्नत तकनीकी प्रशिक्षण, उन्नत प्रयोगशालाओं में व्यावहारिक कार्य, इंटर्नशिप, उद्योग आधारित अनुभव और स्टार्टअप/उद्यमिता को बढ़ावा देना।
आईआईटी जोधपुर की अत्याधुनिक सुविधाओं का प्रदर्शन
दौरे के दौरान आईआईटी जोधपुर के वैज्ञानिक अधिकारियों ने राज्य के प्रतिनिधिमंडल को संस्थान की उन्नत अनुसंधान सुविधाओं का प्रत्यक्ष अनुभव कराया:
- AIoT Fab Lab एवं Central Research Facility (CRF): अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और फैब्रिकेशन सुविधाओं का प्रदर्शन कर यह स्पष्ट किया गया कि संस्थान किस प्रकार बहुविषयक शोध और प्रायोगिक प्रशिक्षण में सहयोग प्रदान कर सकता है।
- प्रतिनिधिमंडल ने संस्थान की अनुसंधान क्षमताओं और तकनीकी ढांचे की सराहना की।
बैठक में शामिल प्रमुख प्रतिभागी
- झारखंड सरकार एवं अन्य प्रतिनिधि: योजना एवं विकास मंत्री राधा कृष्ण किशोर, अपर सचिव विजया नारायणराव जाधव (IAS), अपर निदेशक-सह-अपर सचिव कृष्ण नंदन प्रसाद, यूनिसेफ के तकनीकी सलाहकार समीर कुमार सिन्हा, रामदेव शर्मा (PPS) तथा सुनील दुबे (PS)।
- AIILSG प्रतिनिधि: उप महानिदेशक रवि रंजन गुरु, क्षेत्रीय निदेशक विनोद पालीवाल तथा राजीव रंजन गुरु।
- आईआईटी जोधपुर प्रतिनिधि: निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल, उपनिदेशक प्रो. भवानी कुमार सतपथी, अधिष्ठाता (अनुसंधान एवं विकास) प्रो. सुनील कुमार खिजवानिया सहित प्राध्यापक डॉ. लवी त्यागी, डॉ. अक्षय मौडगिल, डॉ. प्रियब्रत राउत्रे, डॉ. विक्की आनंद, डॉ. जितेश मोहनोट और विभिन्न तकनीकी प्रयोगशालाओं (TISC, CRF, AIoT Fab Lab) के प्रतिनिधि।
वर्तमान स्थिति व आगामी रूपरेखा
यह कार्यक्रम फिलहाल प्रस्ताव एवं परामर्श के चरण में है। आने वाले समय में पायलट प्रोजेक्ट के स्थानों, संस्थागत जिम्मेदारियों, क्रियान्वयन मॉडल तथा समयसीमा को अंतिम रूप दिया जाएगा, जिससे जमीनी स्तर पर युवाओं को सीधे वैश्विक सेमीकंडक्टर क्रांति का हिस्सा बनाया जा सके।