जयपुर/ नरेश गुनानी/नई दिल्ली के भारत मंडपम (प्रगति मैदान) में 14 से 27 नवंबर, 2026 तक आयोजित होने वाले 45वें इंडिया इंटरनेशनल ट्रेड फेयर (आईआईटीएफ)-2026 में राजस्थान ‘पार्टनर स्टेट’ के रूप में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएगा। मेले में राज्य की समृद्ध औद्योगिक, व्यापारिक और सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ निवेश की संभावनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने के लिए लगभग 1000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में एक भव्य ‘राजस्थान पवेलियन’ स्थापित किया जाएगा।
विरासत से विकास की यात्रा होगी प्रदर्शित
आईआईटीएफ-2026 में प्रदेश की प्रभावी और व्यापक सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शिखर अग्रवाल की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव ने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि राजस्थान पवेलियन की डिजाइनिंग ऐसी हो, जिसमें राज्य की ऐतिहासिक ‘विरासत से विकास’ तक की गौरवशाली यात्रा प्रमुखता से दिखाई दे।
हस्तशिल्प और नीतियों का होगा अनूठा संगम
राजस्थान पवेलियन में प्रदेश के कुशल शिल्पकारों द्वारा निर्मित उत्कृष्ट हस्तशिल्प और कलाकृतियों का प्रदर्शन किया जाएगा। इसके साथ ही व्यापारिक अवसरों को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष बिजनेस इंफॉर्मेशन सेंटर भी बनाया जाएगा।
- इस सेंटर के माध्यम से उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, रीको, ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टमेंट प्रमोशन (बीआईपी) सहित राज्य के प्रमुख विभागों और संस्थाओं की नवीनतम औद्योगिक नीतियों एवं योजनाओं की जानकारी आगंतुकों और निवेशकों को दी जाएगी।
विभिन्न विभागों की साझा भागीदारी
तैयारियों की समीक्षा बैठक में रीको, बीआईपी, खादी, राजीविका, आरएसएलडीसी, तथा महिला एवं अधिकारिता विभाग सहित कई प्रमुख संस्थाओं के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने राजस्थान की विविध औद्योगिक क्षमताओं, स्थानीय उत्पादों, शिल्पकला और राज्य में निवेश की असीम संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करने पर विस्तृत रणनीति तैयार की।
यह आयोजन राजस्थान के उद्योग, व्यापार और निवेश परिदृश्य को वैश्विक पहचान दिलाने के साथ-साथ प्रदेश के स्थानीय उद्यमियों, निर्यातकों और व्यापारिक संस्थाओं के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।