आंधी-तूफान के साथ भारी बारिश की चेतावनी, 70 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

 

प्रीति बालानी 

नई दिल्ली/जयपुर:

भारतीय मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और चक्रवाती परिसंचरण के कारण देश के मौसम में बड़ा बदलाव आया है। अगले 24 से 48 घंटों के भीतर पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में ‘अति भारी’ बारिश (Very Heavy Rainfall) होने की संभावना है।

इन राज्यों में ‘थंडर-स्क्वाल’ और भारी बारिश का अलर्ट

​IMD ने विशेष रूप से असम और मेघालय के लिए ‘थंडर-स्क्वाल’ (Thundersquall) की चेतावनी जारी की है। यहाँ हवा की गति 50-60 किमी प्रति घंटा से लेकर 70 किमी प्रति घंटा तक पहुँच सकती है।

  • पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में आज भारी बारिश जारी रहेगी। 25 से 27 अप्रैल के बीच यहाँ बारिश की तीव्रता और बढ़ने की संभावना है।
  • पूर्वी भारत: उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में गरज-चमक के साथ छींटें पड़ने और बिजली कड़कने की चेतावनी है।
  • दक्षिण भारत: केरल, माहे, तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के आंतरिक इलाकों में प्री-मानसून बारिश और तेज हवाएं (30-50 किमी/घंटा) चलने का अनुमान है।

महाराष्ट्र और गोवा में भी बदलेगा मौसम

​कोंकण, गोवा, मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा क्षेत्र में 22 से 25 अप्रैल के दौरान छिटपुट बारिश और गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। मध्य महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में 23 और 24 अप्रैल को ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है।

राजस्थान और उत्तर भारत: गर्मी का ‘प्रचंड’ प्रहार

​जहाँ एक तरफ बारिश का अलर्ट है, वहीं राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लिए लू (Heatwave) की चेतावनी जारी की गई है।

  • पश्चिमी राजस्थान: यहाँ आज और कल भीषण लू चलने की संभावना है, जिससे तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है।
  • दिल्ली-NCR: यहाँ भी गर्म रातें और झुलसाने वाली धूप का सामना करना पड़ेगा।

IMD की ओर से सुरक्षा सलाह

​मौसम विभाग ने तेज बिजली कड़कने और आंधी के दौरान लोगों को विशेष सावधानी बरतने को कहा है:

  1. पेड़ों के नीचे शरण न लें: आंधी के दौरान पेड़ों के गिरने या बिजली गिरने का खतरा रहता है।
  2. बिजली के उपकरणों से दूर रहें: गरज-चमक के दौरान घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का प्लग निकाल दें।
  3. किसानों के लिए सलाह: ओलावृष्टि की संभावना वाले क्षेत्रों में फसलों को ढकने या सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।
  4. यातायात: मूसलाधार बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव के कारण यातायात प्रभावित हो सकता है, यात्रा से पहले रूट चेक करें।

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