— शासन सचिव पूनम ने गौतमनगर केंद्र पर खिलौना बैंक का किया शुभारम्भ, बच्चों को बांटी खुशियां
— प्रदेशभर के केंद्रों पर नए बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत, स्थापित हुए खिलौना बैंक
जयपुर, 1 जुलाई / नरेश गुनानी /प्रदेश के नौनिहालों को गुणवत्तापूर्ण और खेल-आधारित प्रारंभिक शिक्षा से जोड़ने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक अनूठी पहल की है। विभाग के आईसीडीएस (ICDS) निदेशालय द्वारा बुधवार को राजस्थान के समस्त आंगनबाड़ी केंद्रों पर “खिलौना बैंक”, “प्रवेशोत्सव एवं वृक्षारोपण” कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य 3 से 6 वर्ष के आयु वर्ग के बच्चों को शाला पूर्व शिक्षा (प्री-स्कूल एजुकेशन) के लिए एक आनंददायक और सुरक्षित वातावरण प्रदान करना है।
शासन सचिव ने बच्चों के साथ बिताए पल, बनाई पेंटिंग
इसी कड़ी में महिला एवं बाल विकास विभाग की शासन सचिव श्रीमती पूनम ने जयपुर के गौतमनगर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर राज्य स्तरीय “खिलौना बैंक” का विधिवत शुभारम्भ किया। केंद्र पर पहुंचते ही शासन सचिव ने एक अभिभावक की भूमिका निभाते हुए नव-प्रवेशित बच्चों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया और उन्हें विशेष ‘प्रवेश किट’ प्रदान की।
श्रीमती पूनम ने बच्चों के साथ जमीन पर बैठकर खेल-आधारित गतिविधियों में हिस्सा लिया और स्वयं उनके साथ पेंटिंग बनाई। उन्होंने बच्चों को खिलौने, पेंटिंग किट और टॉफी-चॉकलेट वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र पर मौजूद अभिभावकों से भी सीधा संवाद किया और उनसे बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया। इसके बाद उन्होंने केंद्र परिसर में पौधारोपण भी किया।
”बच्चों को रटने के बजाय खेल-खेल में सिखाना हमारा मुख्य ध्येय है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर ऐसा सुरक्षित, स्नेहिल और मनोरंजक माहौल तैयार किया जा रहा है जिससे बच्चे खुद-ब-खुद केंद्र आने के लिए प्रेरित हों।”
— श्रीमती पूनम, शासन सचिव, महिला एवं बाल विकास विभाग
हर केंद्र पर खुला “खिलौना बैंक”, दानदाताओं को मिला धन्यवाद-पत्र
कार्यक्रम में उपस्थित अतिरिक्त निदेशक (शिशु) डॉ. प्रीति पंवार ने भी बच्चों को अपनी ओर से खिलौने भेंट किए और परिसर में वृक्षारोपण किया।
इस राज्यव्यापी अभियान के तहत आज प्रदेश के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों पर “खिलौना बैंक” की स्थापना की गई है। इसके साथ ही विशेष “प्रवेशोत्सव” मनाकर 3-6 आयुवर्ग के उन बच्चों का चिह्नीकरण कर पंजीकरण किया गया जो अब तक शिक्षा की मुख्यधारा से छूटे हुए थे।
जन-सहभागिता से महके केंद्र
यह पूरा आयोजन प्रदेशभर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, पंचायती राज प्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संस्थाओं (NGOs) और अभिभावकों की गरिमामयी उपस्थिति में संपन्न हुआ। समुदाय की ओर से बच्चों के लिए खिलौने दान करने वाले भामाशाहों और प्रबुद्ध नागरिकों को विभाग की ओर से “धन्यवाद-पत्र” देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के समापन पर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी आंगनबाड़ी केंद्रों और उनके आसपास सघन वृक्षारोपण अभियान चलाया गया।