गुवाहाटी/ प्रीति बालानी/असम सरकार ने राज्य के किसानों को उनकी उपज का उचित और सुनिश्चित मूल्य दिलाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 10 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने घोषणा करते हुए कहा कि इस नीति से किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) का सीधा लाभ मिलेगा और उनकी उपज के लिए एक पारदर्शी व विश्वसनीय बाजार तैयार होगा।
100 दिनों में 2 लाख मीट्रिक टन की उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि मौजूदा सरकार के कार्यकाल के पहले 100 दिनों के भीतर ही खरीद तंत्र को सक्रिय कर किसानों से सीधे 2 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान की खरीद पूरी कर ली गई है। उन्होंने इसे 10 लाख मीट्रिक टन के वार्षिक लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया।
पहल के मुख्य उद्देश्य और प्रभाव
- बिचौलियों और बाजार की अनिश्चितता से मुक्ति: किसानों से सीधे खरीद होने से उन्हें खुले बाजार में औने-पौने दामों पर फसल बेचने की मजबूरी नहीं रहेगी और वे सीधे तौर पर सरकारी एमएसपी का लाभ उठा सकेंगे।
- मजबूत कृषि अर्थव्यवस्था: राज्य भर में खरीद केंद्रों और बुनियादी ढांचे का विस्तार किया जाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आर्थिक स्थिरता मिलेगी।
- व्यापक भागीदारी: आगामी दिनों में खरीद प्रक्रिया का दायरा सभी जिलों में बढ़ाया जाएगा ताकि छोटे और सीमांत किसानों की भागीदारी अधिकतम स्तर पर सुनिश्चित हो सके।
यह कदम असम में कृषि आजीविका को सुदृढ़ करने और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे व्यापक कृषि सुधारों का एक अहम हिस्सा है।