जयपुर/ गौरव कोचर/राजस्थान में अवैध शराब के निर्माण, भंडारण, परिवहन और अवैध खरीद-बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान को लेकर आबकारी विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। आबकारी आयुक्त नमित मेहता ने सोमवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) के माध्यम से राज्यस्तरीय समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि अभियान में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जो जिले अभियान में पिछड़ रहे हैं, वे तत्काल अपनी कार्यप्रणाली में सुधार कर कार्रवाई तेज करें। वहीं, बेहतर परिणाम देने वाले जिलों के अधिकारियों की उन्होंने सराहना भी की।
राजस्व संग्रहण में संतोषजनक वृद्धि
नमित मेहता ने कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं और अपेक्षाओं के अनुरूप राजस्व संग्रहण में बीते वर्ष की तुलना में संतोषजनक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने निर्देश दिए कि वित्तीय लक्ष्यों की प्राप्ति के साथ-साथ बकाया राशि की वसूली पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया जाए।
बीकानेर व उदयपुर में 2 ट्रकों पर कार्रवाई, मुखबिर तंत्र मजबूत करने पर जोर
आयुक्त ने हालिया कार्रवाइयों का हवाला देते हुए बताया कि बीकानेर और उदयपुर में अवैध शराब की तस्करी में लिप्त पाए गए 2 ट्रकों को जब्त कर प्रभावी कानूनी कदम उठाए गए हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे जमीनी स्तर पर अपने मुखबिर नेटवर्क को और अधिक सक्रिय एवं सुदृढ़ करें, ताकि अवैध मदिरा के नेटवर्क की जड़ तक पहुंचकर ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
कोटा जोन को सुधार के कड़े निर्देश
समीक्षा बैठक के दौरान कोटा जोन की स्थिति पर विशेष चर्चा हुई। आयुक्त ने जोन उपायुक्त निरोधक दल हुकुम सिंह को निर्देश दिए कि वे अवैध आईएमएफएल (अंग्रेजी शराब), देशी मदिरा तथा बीयर की जब्ती में तेजी लाएं। इसके अलावा कोटा जोन के सभी जिलों में राजस्व वसूली और राजस्व संग्रहण के आंकड़ों में शीघ्र सुधार दर्ज कराने के लिए ठोस रणनीति बनाने को कहा गया।
गश्ती दल के मूवमेंट और फील्ड एक्टिविटी की निगरानी
वीसी में फील्ड अधिकारियों और गश्ती दलों के मूवमेंट की भी गहन पड़ताल की गई। आयुक्त ने जोर दिया कि संवेदनशील और सीमावर्ती क्षेत्रों में नियमित गश्त जारी रहे और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए।
बैठक में यह अधिकारी रहे मौजूद
इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अतिरिक्त आबकारी आयुक्त (नीति) प्रदीप सिंह सांगावत, अतिरिक्त आबकारी आयुक्त प्रभा गौतम, वित्तीय सलाहकार सुनीता विजय, उपायुक्त (ईपीएफ) प्रद्युम्न सिंह चुण्डावत सहित सभी जोन्स के अतिरिक्त आबकारी आयुक्त, उपायुक्त ईपीएफ, जिला आबकारी अधिकारी, सहायक आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक और प्रहराधिकारी उपस्थित रहे।