गौरव कोचर
जयपुर, 9 अप्रैल 2026
राजस्थान में अवैध मदिरा के निर्माण, भंडारण, परिवहन और बिक्री को जड़ से समाप्त करने के लिए आबकारी विभाग ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति के तहत विशेष निरोधात्मक अभियान छेड़ दिया है। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के कड़े निर्देशों के बाद विभाग की निरोधक टीमों ने प्रदेश के विभिन्न जिलों, विशेषकर हनुमानगढ़ और बांसवाड़ा में बड़ी कार्रवाई करते हुए हजारों लीटर वॉश और अवैध भट्टियों को नष्ट किया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के सुपरविजन में सघन अभियान
यह अभियान अतिरिक्त आबकारी आयुक्त (पॉलिसी) प्रदीप सिंह सांगावत और अतिरिक्त आबकारी आयुक्त (प्रशासन) अनिल कुमार शर्मा के प्रत्यक्ष सुपरविजन में चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य अन्य राज्यों से होने वाली शराब तस्करी पर लगाम लगाना और स्थानीय स्तर पर बन रही हथकड़ शराब के अड्डों को ध्वस्त करना है।
हनुमानगढ़: सरकारी भूमि पर चल रही भट्टियां जमींदोज
हनुमानगढ़ जिले में आबकारी निरोधक दल ने खुफिया सूचनाओं के आधार पर अमरपुरा खेड़ी, मुंडा, मानकसर और डीग्गवाला ग्रामों में दबिश दी।
- इस कार्रवाई के दौरान सरकारी भूमि पर संचालित 6 अवैध भट्टियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
- मौके पर मौजूद लगभग 4 हजार लीटर वॉश को भी विभाग ने नष्ट किया।
बांसवाड़ा और कुशलगढ़ में भी बड़ी सफलता
दक्षिणी राजस्थान के बांसवाड़ा और कुशलगढ़ क्षेत्रों में भी आबकारी दल ने सघन गश्त और दबिश की कार्रवाई की:
- यहाँ करीब 3 हजार लीटर वॉश को नष्ट कर अवैध शराब निर्माण के नेटवर्क को तोड़ा गया।
- विभाग ने मौके से 173 बोतल अवैध मदिरा भी बरामद की है।
पूरे प्रदेश में नाकाबंदी और गश्त तेज
केवल हनुमानगढ़ और बांसवाड़ा ही नहीं, बल्कि प्रदेश के अन्य सीमावर्ती और संवेदनशील जिलों में भी आबकारी निरोधक दलों द्वारा निरंतर नाकाबंदी और दबिश दी जा रही है। विभाग का मुख्य फोकस उन क्षेत्रों पर है जहाँ से दूसरे राज्यों की शराब तस्करी होने की संभावना अधिक रहती है।
भ्रष्टाचार और अवैध धंधों पर प्रहार
आबकारी विभाग के इस विशेष अभियान ने अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मचा दिया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश में कहीं भी अवैध मदिरा का परिवहन या विक्रय पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। आने वाले दिनों में इस अभियान को और अधिक गति दी जाएगी ताकि राजस्व की हानि को रोका जा सके और जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
