अलवर। नरेश गुनानी
गर्मी के मौसम में आमजन को मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान न होना पड़े, इसे लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने बुधवार को अलवर सर्किट हाउस में विद्युत एवं जलदाय विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। बैठक में उन्होंने जिले भर में सुचारू बिजली और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए कड़े दिशा-निर्देश जारी किए।
जनसमस्याओं का हो त्वरित निस्तारण: संजय शर्मा
बैठक के दौरान वन राज्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बिजली और पानी सीधे तौर पर आमजन की बुनियादी जरूरतों से जुड़े विषय हैं। गर्मी के इस मौसम में आंधी, तूफान या अन्य तकनीकी कारणों से जनता को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा:
- अलर्ट मोड पर रहें अधिकारी: कंट्रोल रूम, सोशल मीडिया या किसी भी अन्य माध्यम से मिलने वाली शिकायतों पर विभाग ‘अलर्ट मोड’ में रहकर तुरंत एक्शन ले।
- फोन कॉल अटेंड करें: अधिकारी आमजन के फोन कॉल अनिवार्य रूप से उठाएं, उनकी समस्याओं को सुनें और संतुष्टिपूर्ण समाधान कर राहत प्रदान करें।
- सख्त मॉनिटरिंग: दोनों विभागों के अधीक्षण अभियंता (SE) स्वयं पूरी व्यवस्था की कमान संभालें और प्रभावी मॉनिटरिंग करें। कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिजली व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश: 33 KV सब स्टेशनों की समीक्षा
संजय शर्मा ने अलवर के पटरी पार क्षेत्र में बिजली की समस्या के स्थायी समाधान के लिए राजर्षि कॉलेज के पास और अम्बेडकर नगर में बनने वाले दो नए 33 केवी सब स्टेशनों (GSS) के कार्यों की प्रगति जांची। उन्होंने विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए कि:
- इन दोनों सब स्टेशनों का निर्माण कार्य तय समय-सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए।
- जिले में कहीं भी फाल्ट या ट्रिपिंग की समस्या होने पर उसे तुरंत दुरुस्त किया जाए।
- यदि कोई विद्युत उपकरण या ट्रांसफार्मर जलता है, तो उसे बिना समय गंवाए तत्काल बदला जाए।
- अधिकारी केवल दफ्तरों में न बैठकर फील्ड में रहें और आपूर्ति व्यवस्था की खुद निगरानी करें। भविष्य की जरूरतों के मुताबिक नए प्रस्ताव भी तैयार किए जाएं।
पेयजल संकट से निपटने के लिए उठाए कदम
पेजल आपूर्ति की समीक्षा करते हुए वन राज्यमंत्री ने कहा कि शहर में आमजन को पानी की किल्लत से बचाने के लिए कई नए बोरिंग करवाए गए हैं। अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि इनका लाभ जनता तक पहुंचे। इसके साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि:
- आवश्यकतानुसार नए बोरिंग कराने के लिए जल्द से जल्द प्रस्ताव तैयार कर भेजे जाएं।
- यदि कहीं कोई बोरिंग खराब होती है, तो उसे रिकॉर्ड समय में ठीक कराया जाए।
- पेयजल नेटवर्क और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े जितने भी कार्य अभी प्रगति पर हैं, उन्हें पूरी गुणवत्ता के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
इस बैठक में विद्युत और जलदाय विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी और अभियंता मौजूद रहे, जिन्हें मंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि जनता को राहत देना ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।