जयपुर, 26 जून/ नरेश गुनानी/अलवर जिले के निवासियों और करणी माता मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। प्रताप बांध से जुड़े करणी माता मंदिर मार्ग के स्थायी पुनर्स्थापन कार्य को महत्वपूर्ण प्रशासनिक स्वीकृति मिल गई है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) ने इस कार्य के लिए निविदा (टेंडर) स्वीकृत कर दी है, जिससे क्षेत्र में सड़क संपर्क और आवागमन की व्यवस्था को काफी मजबूती मिलेगी।
ऊर्जा दक्ष भवनों के निर्माण पर जोर
इस परियोजना को लेकर लंबे समय से क्षेत्रीय जनता द्वारा एक स्थायी समाधान की मांग की जा रही थी। सरकार की इस हरी झंडी के बाद:
- लगभग 5.74 करोड़ रुपये की लागत से इस पूरे मार्ग का सुदृढ़ीकरण और स्थायी पुनर्स्थापन किया जाएगा।
- इस कार्य के पूरा होने से स्थानीय निवासियों के साथ-साथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को सुगम आवागमन की सुविधा मिलेगी।
वन राज्य मंत्री ने जताया मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री का आभार
इस महत्वपूर्ण कार्य की स्वीकृति मिलने पर वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संजय शर्मा ने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा तथा उप मुख्यमंत्री एवं सार्वजनिक निर्माण मंत्री दिया कुमारी का आभार व्यक्त किया है।
संजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के विकास और आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। अलवर जिले के विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। करणी माता मंदिर मार्ग क्षेत्र की एक बेहद महत्वपूर्ण सड़क है। इस कार्य के पूरा होने से न केवल आमजन को सुविधा होगी, बल्कि क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
समय पर काम पूरा होने की उम्मीद
वन राज्य मंत्री ने मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री के संवेदनशील और सकारात्मक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि इस मार्ग का निर्माण कार्य जल्द ही धरातल पर शुरू हो जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को इसे निर्धारित समयावधि में पूरा करने की बात कही, जिससे क्षेत्र के विकास को एक नई गति मिल सके।