अलवर पुलिस की बड़ी कार्रवाई : कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश, 7 गिरफ्तार

अलवर पुलिस की बड़ी कार्रवाई : कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश, 7 गिरफ्तार

गौरव कोचर 

जयपुर/अलवर, 28 सितम्बर।
ऑनलाइन ठगी और साइबर अपराधों पर नकेल कसने के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन साइबर संग्राम के तहत अलवर पुलिस ने एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह कमीशन पर बैंक खाते (म्यूल अकाउंट) उपलब्ध कराता था, जिनका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड में किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपियों के खातों में करीब 2 करोड़ 06 लाख रुपये की संदिग्ध लेन-देन का खुलासा किया है।

पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया कि कार्रवाई सहायक पुलिस अधीक्षक मुख्यालय कांबले शरण गोपीनाथ और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. प्रियंका रघुवंशी के सुपरविजन में थाना राजगढ़ के थानाधिकारी राजेश कुमार के नेतृत्व में की गई।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

पुलिस ने जिन सात लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें खाता धारक सोनिया मीना पुत्री धौल्याराम (20) निवासी राजगढ़ हाल टहला, प्रिया मीना पत्नी हरिराम (27) निवासी राजगढ़, अनिल मीना पुत्र जगदीश (21) निवासी टहला, खाता सप्लायर/खरीददार संजय कुमार मीना पुत्र धौल्याराम निवासी राजगढ़, जिला अलवर तथा कमीशन पर पैसे निकालने वाले कपिल कुमार पुत्र हरेन्द्र सिंह जाट (25) निवासी अलीगढ़ और मृदुल कुमार पुत्र कृष्ण कुमार (20) व अनिल सिंह जाट पुत्र अदयवीर सिंह (23) निवासी मथुरा (उत्तर प्रदेश) शामिल हैं।

गिरोह का तरीका-ए-वारदात

साइक्लोन सेल से मिली जानकारी के अनुसार बैंक ऑफ बड़ौदा और पंजाब एंड सिंध बैंक के दो संदिग्ध खातों में साइबर फ्रॉड से जुड़ी 40 शिकायतें दर्ज थीं। जांच में पता चला कि ये खाते प्रिया मीना और सोनिया मीना के नाम से खोले गए थे और फर्म का नाम सोनिया ब्यूटी पार्लर दर्ज था। पूछताछ में दोनों महिलाओं ने बताया कि उन्होंने 20-20 हजार रुपये में ये खाते संजय और अनिल मीना से खरीदे थे, ताकि उन्हें ऑनलाइन ट्रेडिंग और गेमिंग ऐप्स में इस्तेमाल किया जा सके।

बाद में ये खाते मुख्य सरगनाओं कपिल सिंह, मृदुल कुमार और अनिल सिंह को बेच दिए गए थे। गिरोह भोले-भाले लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर करंट/कॉर्पोरेट अकाउंट खुलवाता था। इन खातों को अनिल मीना और उसके साथी आगे सरगनाओं को कमीशन पर बेचते थे। इन खातों में साइबर ठगी से कमाई गई राशि जमा की जाती थी, जिसे उत्तर प्रदेश के आरोपी एटीएम से निकालते या क्रिप्टोकरेंसी (यूएसडीटी) में बदलकर कमीशन लेते थे।

बरामद सामग्री

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 लैपटॉप, 30 एटीएम कार्ड, 7 मोबाइल फोन, 2 चेकबुक और हिसाब-किताब की 2 डायरियां बरामद की हैं। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।

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