अलवर जिले के रामगढ़ को मिली कृषि महाविद्यालय के नवीन भवन की सौगात
By : नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
17 अगस्त 2025, जयपुर।
केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने रविवार को अलवर जिले के रामगढ़ के नौगांवा में 15 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित कृषि महाविद्यालय के प्रशासनिक और अकादमिक भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए भूपेंद्र यादव ने कहा कि मूल्य आधारित और गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा के लिए कृषि महाविद्यालय में आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया गया है, जिसमें प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, डिजिटल क्लासरूम और योग्य फैकल्टीज की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि किशनगढ़ बास और नौगांवा के कृषि महाविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र के साथ मिलकर शिक्षा और अनुसंधान के जरिए क्षेत्र के किसानों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र के सामने लागत और प्रतिस्पर्धात्मक मूल्य का संतुलन जैसी बड़ी चुनौतियां हैं। ऐसे में अनुसंधान और नई तकनीक के सहारे ही किसानों की आमदनी और उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा सकती है। यादव ने हाल ही में मनाई गई कृषि वैज्ञानिक एम.एस. स्वामीनाथन की जन्मशताब्दी को याद करते हुए कहा कि उनके योगदान से भारत आज खाद्यान्न उत्पादन में दुनिया के अग्रणी देशों में शामिल हुआ है। तिलहन उत्पादन में भी भारत ने उल्लेखनीय प्रगति की है।
भूपेंद्र यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री ने किसानों को आत्मनिर्भर भारत की रीढ़ बताते हुए कहा था कि आजादी के बाद कृषि वैज्ञानिकों और किसानों की मेहनत से भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बना है। मोदी ने लक्ष्य रखा है कि दूध, दाल और जूट उत्पादन में भारत विश्व में पहले स्थान पर पहुंचे, साथ ही चावल, गेहूं, कपास, फल और सब्जियों में भी उल्लेखनीय वृद्धि की जाए। किसानों, मछुआरों और पशुपालकों की सुरक्षा के लिए सरकार हरसंभव कदम उठा रही है।
उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत और सरकार की नीतियों से कृषि निर्यात 4 लाख करोड़ रुपए तक बढ़ा है। साथ ही पिछड़े 100 जिलों में कृषि विकास को बढ़ावा देने के लिए विशेष “कृषि धन-धान्य योजना” शुरू की गई है।
भूपेंद्र यादव ने अलवर संसदीय क्षेत्र में प्रतिवर्ष कृषि मेले के आयोजन का सुझाव दिया, जिसमें कृषि, डेयरी और पशुपालन क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले विशेषज्ञों और किसानों को आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अलवर डेयरी के विस्तार के लिए सरकार 300 करोड़ रुपए की लागत से 5 लाख लीटर प्रतिदिन क्षमता वाला नया संयंत्र स्थापित कर रही है। साथ ही पशु नस्ल सुधार के लिए वेटरनरी कॉलेज की स्थापना के भी प्रयास किए जाएंगे।
इस अवसर पर जोबनेर स्थित कर्ण नरेंद्र कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. बलराज सिंह ने कृषि की उन्नति एवं विकास को बढ़ावा देने वाली नवीन खोजों और तकनीकों की जानकारी साझा की।