अर्बन-कोऑपरेटिव बैंक का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित

अर्बन-कोऑपरेटिव बैंक का राष्ट्रीय अधिवेशन आयोजित

सहकारिता से ही बनेगी सशक्त राष्ट्र की राह, शहरी सहकारी बैंक अंतिम छोर तक पहुंचाएं लाभ – राज्यपाल बागडे

जयपुर, 11 सितम्बर। नरेश गुनानी। टेलीग्राफ टाइम्स।
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि सहकारिता क्षेत्र के शहरी बैंक समाज को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने को अपना ध्येय बनाएँ। उन्होंने कहा कि प्रदेश के व्यवसायी देशभर में आर्थिक गतिविधियों से जुड़े हुए हैं और आर्थिक रूप से सक्षम लोग सहकारिता से जुड़ें, तभी राष्ट्र और प्रदेश के विकास को नई गति मिलेगी।

Photo credit Telegraph Times

बिड़ला ऑडिटोरियम में सहकार भारती और सहकारिता विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा आयोजित अर्बन कोऑपरेटिव बैंक के राष्ट्रीय अधिवेशन में राज्यपाल ने कहा कि शहरी सहकारी बैंक गरीब और जरूरतमंद तक पहुँचकर उन्हें मुख्यधारा से जोड़ें, तभी “सबका साथ, सबका विकास” साकार हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि कोऑपरेटिव बैंक न केवल देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, बल्कि लाखों परिवारों के लिए आजीविका का सशक्त स्रोत भी हैं। सहकारिता का मूल भाव “अपने लिए नहीं, सबके लिए” होना चाहिए।

राज्यपाल ने कहा कि डेनमार्क में सहकारिता के जरिए कृषि और डेयरी का विकास प्रेरणादायी है। इसी तरह भारत में भी सहकारिता से समान आर्थिक विकास, रोजगार सृजन और सामूहिक उन्नति संभव है। उन्होंने राजस्थान में अधिकाधिक सहकारी बैंक स्थापित करने की जरूरत बताई और सरस की सहकारी गतिविधियों की सराहना करते हुए अन्य उत्पादों के भी प्रभावी विपणन का आह्वान किया।

उन्होंने बताया कि आज भारत दुग्ध उत्पादन में विश्व में पहले स्थान पर है। सहकारिता को और गति देने से देश सर्वांगीण विकास की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है।

राज्यपाल ने सहकारिता के इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि सबसे पहले सयाजीराव गायकवाड़ ने बड़ोदा में अर्ध-सहकारी कारखाना स्थापित किया था। इसके बाद विखे पाटिल और धनंजयराव गाडगिळ ने 1949 में प्रवरा सहकारी चीनी कारखाने की नींव रखी थी।

 

spot_imgspot_img

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

Popular

More like this
Related

अजमेर से गूँजेगा ‘विकसित राजस्थान’ का शंखनाद: पीएम मोदी करेंगे 23,500 करोड़ की सौगातों की बौछार

अजमेर से गूँजेगा 'विकसित राजस्थान' का शंखनाद: पीएम मोदी...