अरावली संरक्षण: 20 जिलों में कल से अवैध खनन के खिलाफ महाअभियान, मुख्यमंत्री ने दिए कठोर कार्रवाई के निर्देश
| नरेश गुनानी
जयपुर, 28 दिसंबर। अरावली पर्वतमाला के संरक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने के लिए राजस्थान सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार, सोमवार (29 दिसंबर) से प्रदेश के 20 जिलों में अवैध खनन गतिविधियों के खिलाफ एक विशेष संयुक्त अभियान शुरू किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि सरकार अरावली के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध और गंभीर है।
इस संबंध में 20 जिलों के जिला कलक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। यह अभियान 29 दिसंबर से शुरू होकर 15 जनवरी 2026 तक निरंतर जारी रहेगा।
इन 20 जिलों में चलेगा अभियान
प्रमुख सचिव माइंस टी. रविकान्त ने बताया कि अभियान के तहत निम्नलिखित जिलों को कवर किया गया है:
- जयपुर संभाग व आसपास: जयपुर, दौसा, अलवर, खैरथल-तिजारा, झुन्झुनू, सीकर, कोटपूतली-बहरोड़।
- मध्य व दक्षिण राजस्थान: अजमेर, भीलवाड़ा, ब्यावर, टोंक, कुचामन-डीडवाना, पाली, सिरोही, राजसमंद।
- मेवाड़ व वागड़ क्षेत्र: उदयपुर, सलूंबर, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़।
एसआईटी (SIT) करेगी कार्रवाई
अभियान का संचालन जिला कलक्टर की अध्यक्षता में गठित विशेष जांच दल (SIT) द्वारा किया जाएगा। इस टीम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को शामिल किया गया है:
- माइंस विभाग: खनि अभियंता, भू-वैज्ञानिक और तकनीकी कर्मचारी।
- प्रशासन व पुलिस: उपखण्ड अधिकारी (SDO) और पुलिस उपाधीक्षक (DySP) स्तर के अधिकारी।
- वन व परिवहन: रेंजर और परिवहन निरीक्षक।
- कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षकों द्वारा अतिरिक्त बल तैनात किया जाएगा।
होगी कड़ी कानूनी कार्रवाई और नीलामी
सरकार ने अवैध खनन में लिप्त तत्वों पर नकेल कसने के लिए सख्त नियम तय किए हैं:
- FIR और जुर्माना: यदि कार्रवाई के तीन दिनों के भीतर जुर्माना और NGT द्वारा निर्धारित शास्ति जमा नहीं की गई, तो तुरंत FIR दर्ज होगी।
- राजसात की कार्रवाई: 90 दिनों तक राशि जमा न होने पर जब्त वाहन और मशीनरी को सरकार द्वारा राजसात (जब्त) कर लिया जाएगा।
- खातेदारी होगी निरस्त: यदि किसी निजी (खातेदारी) भूमि पर अवैध खनन पाया जाता है, तो राजस्व अधिकारी उस भूमि की खातेदारी निरस्त करने की कार्रवाई करेंगे।
- पुराने मामलों का निपटारा: जिला कलक्टरों को निर्देश दिए गए हैं कि पुराने मामलों में जब्त खनिजों की नीलामी जल्द सुनिश्चित की जाए।
निगरानी और रिपोर्टिंग
अभियान की सफलता के लिए माइंस विभाग के अतिरिक्त निदेशकों और अधीक्षण खनि अभियंताओं को फील्ड में रहकर मॉनिटरिंग करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। जिला कलक्टर प्रतिदिन की कार्रवाई की रिपोर्ट प्रमुख सचिव माइंस को भेजेंगे, जिसे बाद में राज्य सरकार के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।
अरावली पर्वतमाला राजस्थान में जैव विविधता, जल पुनर्भरण और रेगिस्तान के प्रसार को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अवैध खनन, निर्गमन और भंडारण पर प्रभावी अंकुश लगाना है।

