अमृत 2.0: मुख्य सचिव ने दिए परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन और नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश

नरेश गुनानी 

जयपुर, 13 मई 2026

​राजस्थान में शहरी बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए राज्य सरकार ने कमर कस ली है। बुधवार को शासन सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने अमृत 2.0 (अटल मिशन फॉर रीजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन) योजना की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सीवरेज और शहरी आधारभूत संरचना से जुड़ी सभी परियोजनाओं में तेजी लाई जाए और विभागीय समन्वय के माध्यम से बाधाओं को दूर किया जाए।

​समयबद्धता और विभागीय तालमेल पर जोर

​मुख्य सचिव ने बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया कि केंद्र और राज्य स्तर पर लंबित अनुमतियों का शीघ्र निस्तारण किया जाए। बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित रहे:

  • त्वरित समाधान: लंबित अनुमतियों और विभागीय समन्वय से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के आधार पर सुलझाया जाए।
  • निरंतर समीक्षा: अमृत 2.0 के कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तरीय समिति नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करेगी।
  • नगर निगमों को निर्देश: जयपुर नगर निगम आयुक्त सहित अन्य निकायों को कार्य की गति बढ़ाने और समय सीमा का पालन करने के आदेश दिए गए।
  • बेहतर समन्वय: स्वायत्त शासन विभाग और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) को आपसी तालमेल के साथ तकनीकी और प्रशासनिक मुद्दों को सुलझाने को कहा गया।

​वर्तमान प्रगति की स्थिति

​स्वायत्त शासन विभाग के शासन सचिव रवि जैन ने बैठक में योजना की वर्तमान स्थिति का ब्यौरा प्रस्तुत किया:

स्थिति

शहर/परियोजना

पूर्ण हो चुके कार्य

जोधपुर नॉर्थ-I, जोधपुर साउथ-I, जोधपुर साउथ-II एवं बूंदी

प्रगतिरत कार्य (75% – 95% पूर्ण)

सीकर, अजमेर, जयपुर, कोटा, बीकानेर, उदयपुर, भरतपुर, टोंक एवं भीलवाड़ा

मुख्य कार्य

सीवरेज नेटवर्क, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP), जल निकासी एवं अन्य बुनियादी ढांचा

उन्होंने बताया कि रेलवे और NHAI जैसी एजेंसियों से जुड़ी अनुमतियों के लिए निरंतर संवाद किया जा रहा है ताकि परियोजनाओं के अंतिम चरण को जल्द पूरा किया जा सके।

​’विकसित राजस्थान’ की ओर कदम

​मुख्य सचिव ने कहा कि अमृत 2.0 परियोजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से नगरीय क्षेत्रों में सीवरेज व्यवस्था और बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ होंगी, जो नागरिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक हैं। उन्होंने अधिकारियों को ‘परिणामोन्मुखी’ कार्यशैली अपनाने का निर्देश दिया।

​बैठक में उपस्थिति

​बैठक में रूडसीको (RUDSICO) के कार्यकारी निदेशक हरि मोहन मीणा सहित स्वायत्त शासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे। वहीं, विभिन्न नगरीय निकायों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चर्चा में शामिल हुए।

अमृत 2.0 का लक्ष्य: राज्य के शहरों में जलापूर्ति, सीवरेज नेटवर्क और हरित क्षेत्रों का विकास कर शहरी जीवन को आधुनिक और सुविधाजनक बनाना।

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