अब बारिश में नहीं कटेगा मुख्यालय से एक दर्जन गांवों का संपर्क, जल्द पूरा होगा हाई लेवल पुलों का निर्माण
Reported By: दिव्या तिवाड़ी
Written By: नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
मई 13, 2025
झालावाड़ (राजस्थान): बरसात के मौसम में टापू बन जाने वाले झालावाड़ जिले के करीब एक दर्जन गांवों के लिए अब राहत की खबर है। गागरोन, चंगेरी, लक्ष्मीपुरा, नोलाव, राजपुरा जैसे गांव, जो जिला मुख्यालय से महज 3 से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित हैं, हर साल बारिश में मुख्यालय से कट जाते थे। लेकिन अब लगभग 21 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे हाई लेवल ब्रिज से इन गांवों की वर्षा कालीन परेशानी का समाधान जल्द ही होने वाला है।
अब तक कैसे होती थी परेशानी?
इन गांवों को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाले दोनों रास्तों पर दो नदियां बहती हैं। बारिश में जैसे ही इन नदियों का जलस्तर बढ़ता, ये रास्ते पूरी तरह बंद हो जाते और गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट जाता। इस दौरान:
- लोग इलाज के लिए अस्पताल नहीं पहुंच पाते।
- ज़रूरी सामान और सेवाएं नहीं मिल पातीं।
- कई लोगों ने इलाज के अभाव में जान गंवाई।
- गर्भवती महिलाओं और गंभीर बीमारों को जान जोखिम में डालकर ट्यूब की मदद से नदी पार कराई जाती थी।
गागरोन की विशेष महत्ता
गागरोन गांव का ऐतिहासिक और धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। यहां विश्व प्रसिद्ध गागरोन जल दुर्ग स्थित है, साथ ही सूफी संत ख्वाजा हमीदुद्दीन चिश्ती की दरगाह भी मौजूद है, जहां हर साल हजारों जायरीन पहुंचते हैं। इसके अतिरिक्त मुकुंदरा हिल्स टाइगर रिजर्व परियोजना का गेट भी गागरोन में प्रस्तावित है।
21 करोड़ की लागत से बदल रही तस्वीर
सार्वजनिक निर्माण विभाग के अनुसार, इन दोनों नदियों पर लगभग 21 करोड़ की लागत से हाई लेवल ब्रिज का निर्माण तेज़ी से चल रहा है। एसी मुकेश मीणा ने बताया कि विभाग की प्राथमिकता है कि कम से कम एक पुल को आगामी बरसात से पहले पूरा कर लिया जाए।
पर्यटन और विकास को मिलेगा बढ़ावा
इन पुलों के निर्माण से:
- एक दर्जन गांवों की सालभर निर्बाध कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।
- गागरोन और उसके आसपास के पर्यटन स्थलों तक पहुंचना आसान होगा।
- प्रस्तावित टाइगर रिजर्व और गागरोन दरगाह तक एयरपोर्ट से सीधी कनेक्टिविटी संभव हो पाएगी।
गांववालों में खुशी का माहौल
आजादी के बाद पहली बार इन गांवों को स्थायी समाधान मिलने जा रहा है। स्थानीय लोग इस विकास कार्य को लेकर बेहद उत्साहित और संतुष्ट हैं। उनका कहना है कि अब हर साल आने वाली बारिश उनके जीवन को बाधित नहीं करेगी।
निहाई लेवल ब्रिज का यह निर्माण कार्य न केवल जीवन रक्षक साबित होगा, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक, आर्थिक और पर्यटन विकास के नए द्वार भी खोलेगा।