अपहरण और नृशंस हत्या का सनसनीखेज खुलासा: अजमेर पुलिस की त्वरित कार्रवाई में दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी

अपहरण और नृशंस हत्या का सनसनीखेज खुलासा: अजमेर पुलिस की त्वरित कार्रवाई में दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
150 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले, बोलेरो कैम्पर बनी सुराग की कड़ी

Edited By : गौरव कोचर 
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 20,2025

(हरिप्रसाद शर्मा)
अजमेर। शहर के सिविल लाइन्स थाना क्षेत्र में सामने आए एक सनसनीखेज अपहरण और हत्या के मामले में अजमेर पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नागौर जिले से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

कैसे हुआ मामला उजागर?

इस हत्याकांड की शुरुआत 14 जून को हुई जब नागौर जिले के रातंगा निवासी रामदेव पुत्र हीराराम ने अजमेर के सिविल लाइन्स थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। रिपोर्ट के अनुसार, उनका 28 वर्षीय पुत्र सहदेव 12 जून को किसी परीक्षा में सम्मिलित होने अजमेर आया था। 13 जून को वह केन्द्रीय बस स्टैंड से लौटते समय लापता हो गया। आखिरी बार उसे उसके साढू महिपाल और उसकी पत्नी ललिता के साथ देखा गया था। परिजनों को आशंका थी कि सहदेव के काका ससुर रामकिशोर, ससुर बस्तीराम और अन्य परिजनों की मिलीभगत से उसका अपहरण किया गया।

पुलिस ने शुरू की उच्च स्तरीय जांच

शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक वन्दिता राणा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रकरण संख्या 199/2025 दर्ज किया। भारतीय न्याय संहिता बीएनएस 2023 की धाराओं 140(3), 127(2), 103(1), 189(2), 3(5), 61(2) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस ने एएसपी हिमांशु जांगिड़ एवं सीओ रूद्रप्रकाश शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल का गठन किया, जिसमें थानाधिकारी शम्भूसिंह समेत आठ पुलिसकर्मी शामिल थे।

बोलेरो कैम्पर बनी सुराग की चाबी

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य जुटाने के लिए 150 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की गहन पड़ताल की। जांच में एक बोलेरो कैम्पर वाहन सामने आया, जिसे अजमेर से नागौर जाते देखा गया। यह वाहन मामले का अहम सुराग साबित हुआ।

नागौर में मिला शव, दो आरोपी गिरफ्त में

जांच टीम ने जायल थाना क्षेत्र में उक्त वाहन को ट्रैक कर पकड़ा और पूछताछ की। स्थानीय लोगों की सहायता से पुलिस को सहदेव का शव बरामद हुआ। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया और बाद में परिजनों को सौंप दिया गया।

पुलिस ने दो मुख्य आरोपी – कुन्नाराम रलिया और ओप्रकाश पुत्र मोतीराम (दोनों निवासी जायल थाना क्षेत्र, नागौर) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोप स्वीकार करने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से दो दिन का पुलिस रिमांड मंजूर किया गया।

अन्य आरोपी अभी भी फरार

गिरफ्तार आरोपियों से घटनास्थल की तस्दीक कराई जा चुकी है और पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस अधीक्षक वन्दिता राणा के अनुसार, “जल्द ही अन्य सभी आरोपियों को भी गिरफ्तार कर न्याय के कटघरे में लाया जाएगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है।”

क्षेत्र में फैली सनसनी

इस नृशंस हत्याकांड से अजमेर और नागौर जिले के लोगों में दहशत का माहौल है। एक पारिवारिक विवाद इस कदर हिंसक मोड़ ले लेगा, इसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं पुलिस को जल्द न्याय दिलाने की उम्मीद है।


 

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