अपराध पर प्रहार और जन-संवाद पर जोर: रायगढ़ के नए पुलिस कप्तान डीआईजी शशिमोहन सिंह ने संभाली कमान
| रिपोर्ट गणपत चौहान छत्तीसगढ़

रायगढ़। गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर राष्ट्रध्वज को सलामी देने के साथ ही रायगढ़ जिले के नए पुलिस कप्तान के रूप में डीआईजी शशिमोहन सिंह ने विधिवत कार्यभार संभाल लिया है। बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित अपनी पहली प्रेस वार्ता में उन्होंने जिले की सुरक्षा व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर अपना रोडमैप साझा किया। उनके तेवरों से साफ है कि आने वाले दिनों में अपराधियों पर नकेल कसी जाएगी, जबकि आम जनता के लिए पुलिस का दरवाजा हमेशा खुला रहेगा।
न्याय की चौखट: थाने आने वाला हर पीड़ित सर्वोच्च प्राथमिकता
प्रेस वार्ता के दौरान डीआईजी शशिमोहन सिंह ने स्पष्ट किया कि पुलिसिंग का असली पैमाना थाने पहुंचने वाले पीड़ित की संतुष्टि है। उन्होंने कहा:
”मेरी सबसे पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि थाने में आने वाले हर पीड़ित को न्याय मिले। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निष्पक्षता और ईमानदारी के साथ जनता की समस्याओं का समाधान करना होगा।”
आधुनिक पुलिसिंग और वैज्ञानिक दृष्टिकोण
रायगढ़ की भौगोलिक चुनौतियों और औद्योगिक परिवेश से वाकिफ डीआईजी ने मॉडर्न पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया। उनकी रणनीति के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- वैज्ञानिक जांच: अपराध नियंत्रण के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ वैज्ञानिक और तकनीकी संसाधनों का उपयोग।
- जवाबदेही तय करना: निचले स्तर तक के पुलिस बल में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।
- महिला सुरक्षा: महिलाओं की सुरक्षा और उनसे संबंधित अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष सतर्कता।
- यातायात प्रबंधन: जिले की बढ़ती ट्रैफिक समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना।
सोशल पुलिसिंग: जनता और खाकी के बीच मिटेगी दूरी
नवागत एसपी का मानना है कि प्रभावी कानून व्यवस्था के लिए जनता का सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने सामुदायिक भागीदारी (Community Policing) को नए सिरे से मजबूत करने के संकेत दिए हैं। उनका लक्ष्य पुलिस और आमजन के बीच के संवाद को इतना सुलभ बनाना है जिससे अपराधियों में भय और नागरिकों में सुरक्षा का भाव पैदा हो सके।
बहुआयामी व्यक्तित्व: खाकी के साथ कला का संगम
अपनी कार्यकुशलता के लिए पहचाने जाने वाले आईपीएस शशिमोहन सिंह का व्यक्तित्व बहुआयामी है। कानून व्यवस्था के सख्त मिजाज के बीच उनके भीतर का कलाकार भी जीवंत है। प्रेस से चर्चा के दौरान उन्होंने अपनी रुचि साझा करते हुए बताया कि समय मिलने पर वे रायगढ़ के ज्वलंत विषयों और सामाजिक मुद्दों पर लघुकथा (Short Stories) और टेलीफिल्म्स बनाने की योजना भी रखते हैं, ताकि जन-जागरूकता को एक नया आयाम मिल सके।

