“अपना घर आश्रम” ने मनाया 14वां स्थापना दिवस, मंत्री सुरेश सिंह रावत बोले— मानवता की मिसाल है यह संस्था
मूक-बधिर बच्चों की प्रस्तुतियों ने छू लिए दिल, मंत्री ने की सेवा कार्यों की सराहना
Edited By : सुनील शर्मा
टेलीग्राफ टाइम्स
जुलाई 12,2025
(हरिप्रसाद शर्मा) अजमेर।
“संवेदनशीलता, कला और प्रतिभा की कोई भाषा नहीं होती”— इस विचार को साकार करती एक झलक देखने को मिली अजमेर के अपना घर आश्रम के 14वें स्थापना दिवस समारोह में। माँ माधुरी बृज वारिस सेवा सदन द्वारा संचालित यह आश्रम मानसिक, शारीरिक, मूक-बधिर एवं दृष्टिबाधित जरूरतमंदों के जीवन में आशा की किरण बना हुआ है।
शनिवार को आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन और वंदना से हुई, जिसके बाद मूक-बधिर एवं दृष्टिबाधित विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी को भावविभोर कर दिया। इन विशेष प्रस्तुतियों ने दर्शकों को यह संदेश दिया कि संवेदना और प्रतिभा किसी भाषा या शारीरिक सीमा की मोहताज नहीं होती।
मंत्री रावत ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा,
“अपना घर आश्रम सिर्फ एक संस्था नहीं, यह मानवता की जीवंत मिसाल है। यहां सेवा, संवेदना और समर्पण की त्रिवेणी प्रवाहित होती है।”
उन्होंने संस्था द्वारा विगत 14 वर्षों में किए गए सेवा कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि सरकार की ओर से ऐसे प्रयासों को हरसंभव सहायता दी जाएगी। मंत्री ने आश्वासन दिया कि आश्रम की गतिविधियों को और अधिक व्यापक रूप देने हेतु सरकारी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।
समाजसेवियों और प्रशासनिक अधिकारियों की भी रही उपस्थिति
समारोह में शहर के जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन शामिल हुए। सभी ने संस्था की सेवा भावना को सराहा और इसके प्रयासों को जन-जन तक पहुँचाने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम का समापन “सेवा संकल्प” के साथ हुआ, जिसमें सभी ने जरूरतमंदों तक सेवा पहुँचाने और अपना घर की भावना को समाज में और अधिक विस्तार देने का संकल्प लिया।
संस्थान का उद्देश्य
“अपना घर आश्रम” पिछले 14 वर्षों से अजमेर सहित देशभर में मानसिक एवं शारीरिक रूप से असहाय, बेसहारा, विक्षिप्त, लावारिस, दुर्घटनाग्रस्त एवं वृद्धजनों को चिकित्सा, देखभाल और पुनर्वास प्रदान कर रहा है।
