गणपत चौहान
घरघोड़ा। क्षेत्र के अधिवक्ताओं की लंबे समय से लंबित मूलभूत सुविधाओं को लेकर अधिवक्ता संघ घरघोड़ा ने अपनी आवाज बुलंद की है। संघ के एक प्रतिनिधिमंडल ने एकजुट होकर क्षेत्र के सांसद राधेश्याम राठिया से मुलाकात की और उन्हें एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर कार्यालय के सुदृढ़ीकरण हेतु 9 लाख रुपये के बजट की मांग की।
मूलभूत सुविधाओं का अभाव बना बाधा
ज्ञापन के माध्यम से अधिवक्ताओं ने सांसद को अवगत कराया कि वर्तमान में अधिवक्ता संघ कार्यालय में बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव है। पर्याप्त फर्नीचर न होने के कारण अधिवक्ताओं को अपने दैनिक कार्यों के निष्पादन और पक्षकारों के साथ बैठने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।
इसके साथ ही, कानून के क्षेत्र में हो रहे नित नए बदलावों और संशोधनों को समझने के लिए एक समृद्ध लाइब्रेरी की कमी भी खल रही है। अधिवक्ताओं का कहना है कि संदर्भ पुस्तकों और डिजिटल कानूनी सामग्री के अभाव में शोध कार्य प्रभावित हो रहा है, जिसका सीधा असर न्यायिक प्रक्रिया की गति पर पड़ता है।
न्यायिक कार्य की गुणवत्ता में सुधार का लक्ष्य
अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष कैलाश गुप्ता ने कहा, “अधिवक्ताओं के लिए एक मजबूत आधारभूत ढांचा केवल सुविधा की बात नहीं है, बल्कि यह न्याय व्यवस्था की प्रभावशीलता के लिए भी अनिवार्य है। फर्नीचर और एक सुसज्जित लाइब्रेरी होने से न केवल अधिवक्ताओं का कार्य व्यवस्थित होगा, बल्कि न्यायिक कार्यों की गुणवत्ता में भी अभूतपूर्व सुधार आएगा।”
वहीं, संरक्षक देवेन्द्र पंडा ने इस मांग को जायज ठहराते हुए उम्मीद जताई कि सांसद अपनी निधि से इस राशि को स्वीकृत कर क्षेत्र के न्यायिक ढांचे को मजबूती प्रदान करेंगे।
सांसद ने दिया सकारात्मक आश्वासन
अधिवक्ताओं की समस्याओं को धैर्यपूर्वक सुनने के बाद सांसद राधेश्याम राठिया ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे इस विषय को गंभीरता से लेंगे। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज न्याय प्रणाली का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने हेतु आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने जल्द ही उचित कार्रवाई कर राशि स्वीकृत कराने का भरोसा दिलाया।
