अति पिछड़ा वर्ग एवं गुर्जर समाज की मांगों पर मंत्रीगण समिति की तीसरी बैठक सम्पन्न: आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति, आंदोलनकारियों के केस होंगे समाप्त
जयपुर, 7 अगस्त 2025 | रिपोर्ट मुस्कान तिवाड़ी
By : गौरव कोचर
टेलीग्राफ टाइम्स
राजस्थान सरकार द्वारा अति पिछड़ा वर्ग (एमबीसी) और गुर्जर समाज की विभिन्न मांगों के निस्तारण के लिए गठित मंत्रीगण समिति की तीसरी बैठक आज शासन सचिवालय, जयपुर में सम्पन्न हुई। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर आयोजित इस बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जो समाज के हित में दूरगामी प्रभाव डाल सकते हैं।
बैठक में संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, तथा गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने भाग लिया। साथ ही, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में समिति ने गुर्जर आरक्षण समिति द्वारा प्रस्तुत सात प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा कर निर्णय लिए।
रूपनारायण गुर्जर के आश्रित को मिलेगा सरकारी रोजगार
बैठक का एक अहम निर्णय सिकंदरा निवासी स्वर्गीय रूपनारायण गुर्जर के परिवार से जुड़ा रहा। आंदोलन के दौरान दिवंगत हुए रूपनारायण के आश्रित को नगरीय निकाय विभाग में अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। इसके साथ ही उनके परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान की जाएगी।
एमबीसी कार्मिकों के लंबित मामलों का होगा निस्तारण
बैठक में शिक्षा व अन्य विभागों में कार्यरत एमबीसी कार्मिकों के नियमितीकरण, पदोन्नति सहित अन्य लंबित विषयों पर भी सकारात्मक निर्णय लिए गए। सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देशों के तहत इन मामलों को सुलझाने के लिए कर्मचारियों को कानूनी अधिकार देने की सहमति बनी।
आंदोलन से जुड़े केसों के लिए विशेष अधिकारी नियुक्त
गुर्जर आरक्षण आंदोलन से संबंधित लम्बित मुकदमों के शीघ्र निपटारे के लिए राज्य सरकार ने जिला स्तर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रैंक के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त करने का निर्णय लिया है। राज्य स्तर पर समन्वय के लिए महानिरीक्षक पुलिस (IG) स्तर के अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
अन्य मुद्दों पर भी हुई विस्तृत चर्चा
समिति ने शेष बिंदुओं की भी समीक्षा की और आवश्यक निर्णयों की दिशा में विस्तृत चर्चा की। इन मुद्दों में समाज के सामाजिक, शैक्षिक व आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़े विषयों को प्राथमिकता दी गई।
बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव (सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता) अपर्णा अरोड़ा, शासन सचिव (कार्मिक विभाग) डॉ. कृष्णा कान्त पाठक, निदेशक एवं संयुक्त शासन सचिव आशीष मोदी सहित संबंधित विभागों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
राज्य सरकार के इन निर्णयों से अति पिछड़ा वर्ग और गुर्जर समाज के प्रति सकारात्मक एवं संवेदनशील रुख स्पष्ट होता है। आने वाले समय में इन प्रयासों से सामाजिक समरसता और न्याय की भावना को बल मिलने की उम्मीद है।