अतिवृष्टि प्रभावित फसलों का जल्द करें आंकलन : पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने किया क्षेत्र का दौरा

अतिवृष्टि प्रभावित फसलों का जल्द करें आंकलन : पशुपालन मंत्री जोराराम कुमावत ने किया क्षेत्र का दौरा

05 सितम्बर 2025, गौरव कोचर।टेलीग्राफ टाइम्स
जयपुर।
पाली जिले के सुमेरपुर विधानसभा में अतिवृष्टि से हुए व्यापक नुकसान का आकलन करने के लिए पशुपालन मंत्री एवं स्थानीय विधायक जोराराम कुमावत ने शुक्रवार को प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वर्षा प्रभावित ग्राम पंचायत बिरामी, बड़ली, नौखरा बेरा सहित कई गांवों का जायजा लिया और ग्रामीणों से मुलाकात कर हालात की जानकारी ली।

Photo credit Telegraph Times

ग्रामीणों से ली जानकारी

मंत्री ने प्रभावित परिवारों से राशन वितरण और मेडिकल सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बांधों में लगातार बढ़ते जलस्तर की नियमित निगरानी की जाए। वहीं खेतों में पानी की निकासी नहीं होने से फसलें प्रभावित हो रही हैं और उनमें पीलापन दिखने लगा है। इस स्थिति को देखते हुए तहसीलदार और पटवारियों को निर्देश दिया गया है कि वे फसल खराबे का सर्वे कर जल्द से जल्द रिपोर्ट तैयार करें।

सड़क और तालाबों की निगरानी के आदेश

कुमावत ने क्षतिग्रस्त सड़कों का आकलन कर उनके पेचवर्क और मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू करने के निर्देश पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को दिए। साथ ही गांवों में ओवरफ्लो हो चुके तालाबों की निगरानी के लिए संबंधित ग्राम पंचायतों को हिदायत दी गई ताकि कोई अप्रिय घटना न हो। इस दौरान उन्होंने पाली जिला कलेक्टर से दूरभाष पर वार्ता कर आवश्यक निर्देश भी दिए।

नगरपालिका सभागार में बैठक

दौरे के बाद कुमावत ने नगरपालिका सभागार में अधिकारियों की बैठक ली। इसमें वर्षा से हुए नुकसान और राहत उपायों पर चर्चा की गई। उन्होंने क्षतिग्रस्त भवनों व सड़कों की मरम्मत के लिए प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेजने और जलभराव वाले स्थानों से पानी निकासी के उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए।

प्रशासन अलर्ट मोड पर

बैठक में तहसीलदार दिनेश आचार्य ने बताया कि प्रशासन द्वारा राहत के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। पटवारियों की टीमें अतिवृष्टि से हुई क्षति का आकलन कर रही हैं। आपदा राहत टीम अलर्ट मोड पर तैनात है। आश्रय स्थलों पर प्रभावित लोगों के लिए भोजन, पेयजल, कपड़े और बिस्तर की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

प्राथमिकता राहत और मुआवजा

प्रशासन की प्राथमिकता सबसे पहले प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाना है। इसके बाद क्षति का आंकलन कर शीघ्र-अतिशीघ्र मुआवजा वितरण की कार्यवाही की जाएगी।

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