अजमेर: ‘समरसता धर्म सभा’ में गूंजा सनातन का उद्घोष, भव्य कलश यात्रा के साथ उमड़ा जनसैलाब
अजमेर (हरिप्रसाद शर्मा)। सुभाष नगर स्थित विराट हिंदू सम्मेलन में रविवार को आस्था और सामाजिक समरसता का अनूठा संगम देखने को मिला। ‘समरसता की धर्म सभा’ के माध्यम से न केवल हिंदू समाज की एकता पर बल दिया गया, बल्कि सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण का संकल्प भी लिया गया।
संत समताराम का ओजस्वी संबोधन
सम्मेलन के मुख्य अतिथि संत समताराम ने अपने ओजस्वी संबोधन में हिंदू समाज में जागृति का आह्वान किया। उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए कहा:
”यह निषाद राज और शबरी के राम का देश है। यहाँ हमारे पूर्वजों ने महान सनातन परंपराओं को सींचा है। वर्तमान में जो लोग छल-कपट से सनातन धर्मावलंबियों का धर्म परिवर्तन करा रहे हैं, उनसे हमें अत्यंत सावधान रहने की आवश्यकता है।”
उन्होंने स्वामी विवेकानंद का स्मरण करते हुए युवाओं को प्रेरित किया कि जिस राष्ट्र में अपनी सभ्यता और सांस्कृतिक मूल्यों का आचरण होता है, वह देश सदैव सुरक्षित रहता है।
भव्य कलश शोभा यात्रा
धर्म सभा से पूर्व क्षेत्र में विशाल कलश शोभा यात्रा निकाली गई। यह यात्रा दो अलग-अलग स्थानों— शिव मंदिर (सुभाष नगर) और शीतला माता मंदिर (कपिल नगर) से गाजे-बाजे के साथ प्रारंभ हुई। दोनों यात्राओं का हनुमान मंदिर पर भव्य संगम हुआ, जिसके बाद यह एक विशाल समूह के रूप में धर्म सभा स्थल पर पहुंची। यात्रा में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर मंगल गान करती चल रही थीं।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियां
- दीप प्रज्ज्वलन: कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ।
- वक्ता: प्रवक्ता तरुण वर्मा के अनुसार, डॉ. सुरेंद्र कुमार और लीलामणि गुप्ता ने भी समाज को संगठित करने पर अपने विचार रखे।
- नेतृत्व: कार्यक्रम की अध्यक्षता जसवंत वैष्णव ने की, जबकि संयोजन धीरज गोरसी ने संभाला। कार्यक्रम का सफल संचालन कुश जैन द्वारा किया गया।
- भक्तिमय समापन: सम्मेलन के अंत में सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया गया और भजनों की प्रस्तुति पर श्रद्धालु झूम उठे।
इस विराट सम्मेलन में सुभाष नगर और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने भाग लेकर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

