अजमेर में वकील की गिरफ्तारी के बाद बवाल: कलेक्ट्रेट में हंगामा, पुलिस-वकील आमने-सामने
Reported By: हरि प्रसाद शर्मा
Written By: नरेश गुनानी
टेलीग्राफ टाइम्स
मई 13, 2025
अजमेर (राजस्थान): किशनगढ़ में अधिवक्ता बालकिशन सुनारिया की गिरफ्तारी ने राजस्थान में कानून व्यवस्था और राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। इस गिरफ्तारी के विरोध में अजमेर जिले के वकील मंगलवार को पूरी तरह से न्यायिक कार्य से दूर रहे और कड़ा विरोध प्रदर्शन किया।
सुबह वकीलों ने जनरल हाउस की बैठक की, जिसके बाद सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता कोर्ट परिसर से रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों ने वहां लगे बैरिकेट्स को तोड़ने की कोशिश की और कलेक्ट्रेट में घुसने का प्रयास किया।
पुलिस की सख्त कार्रवाई, वॉटर कैनन का इस्तेमाल
स्थिति बिगड़ते देख पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए वाटर कैनन और फायर ब्रिगेड की गाड़ियों से पानी की बौछार की। इसके बाद वकील और ज्यादा नाराज हो गए और बिना कोई ज्ञापन दिए वापस लौट गए।
कोर्ट परिसर से पुलिसकर्मियों को हटाया गया
वकीलों का गुस्सा यहीं नहीं रुका। उन्होंने कोर्ट परिसर में तैनात पुलिसकर्मियों को बाहर निकलवा दिया और चेतावनी दी कि अब पुलिस की कोई भी मौजूदगी न्यायालय परिसर में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वकीलों का कहना है कि पुलिस का रवैया अहंकारी और दमनकारी है।
वकीलों की तीन प्रमुख मांगें
अजमेर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक सिंह रावत ने कहा कि वकील तीन प्रमुख मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं:
- थानाधिकारी भीकाराम काला को तुरंत बर्खास्त किया जाए।
- पूरा मामला उच्च स्तरीय जांच के अधीन लिया जाए।
- वकीलों की अन्य मांगों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई हो।
रावत ने आरोप लगाया कि पुलिस ने वकील बालकिशन सुनारिया के साथ अमानवीय और असंवैधानिक व्यवहार किया, जिससे अधिवक्ता समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है।
वकीलों का आंदोलन रहेगा जारी
फिलहाल अजमेर में वकील अपने विरोध पर अडिग हैं और उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। अजमेर जिला प्रशासन और पुलिस के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।
इस घटना ने एक बार फिर राज्य में कानून व्यवस्था और पुलिस की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

