अजमेर में घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई: 43 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े, एक और डिटेन

राजस्थान


अजमेर में घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई: 43 बांग्लादेशी नागरिक पकड़े, एक और डिटेन

Edited By : गौरव कोचर 
टेलीग्राफ टाइम्स
जून 28,2025

(हरिप्रसाद शर्मा)
अजमेर। शहर में लगातार सामने आ रही घुसपैठ की घटनाओं के मद्देनज़र पुलिस प्रशासन ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। दरगाह क्षेत्र में चलाए जा रहे विशेष तलाशी अभियान के तहत पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और बांग्लादेशी नागरिक को डिटेन किया है। यह अब तक की 18वीं कार्रवाई है, और इसके साथ ही कुल पकड़े गए घुसपैठियों की संख्या 43 तक पहुंच चुकी है।

अभियान की अगुवाई कर रहे हैं वरिष्ठ अधिकारी

अजमेर दरगाह और आसपास के क्षेत्रों में बढ़ती घुसपैठ को रोकने के लिए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सिटी हिमांशु जांगिड़ के नेतृत्व में एक सघन और सुनियोजित अभियान चलाया जा रहा है। इस संयुक्त ऑपरेशन में दरगाह थानाधिकारी दिनेश कुमार जीवनानी, गंज थाना पुलिस, सीआईडी ज़ोन, और अन्य सुरक्षा एजेंसियाँ शामिल हैं। पूरे अभियान की निगरानी दरगाह क्षेत्र के सीओ लक्ष्मणराम कर रहे हैं।

कई संवेदनशील क्षेत्रों में सघन तलाशी

पुलिस टीम ने दरगाह बाजार, जालियान कब्रिस्तान, अन्दरकोट, नई सड़क, तारागढ़ की पहाड़ी, सिलावट मोहल्ला, बड़े पीर का चिल्ला, लंगरखाना गली, चश्मा ए नूर तारागढ़ और त्रिपोलिया गेट जैसे संवेदनशील इलाकों में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान 15 से 20 संदिग्ध व्यक्तियों को पूछताछ के लिए डिटेन किया गया।

सिलावट मोहल्ला से पकड़ा गया बांग्लादेशी नागरिक

तलाशी के दौरान सिलावट मोहल्ला में घूम रहे एक युवक की भाषा, उच्चारण और व्यवहार पर पुलिस को संदेह हुआ। गहन पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान मोहम्मद सिद्दिकी (उम्र 39) पुत्र अब्बु हुसैन के रूप में बताई। उसने स्वीकार किया कि वह बांग्लादेश के चिटगांव जिले के कल्लू का मोहल्ला बर्खापन का निवासी है और दर्शाना बॉर्डर के रास्ते अवैध रूप से भारत में दाखिल हुआ था।

पश्चिम बंगाल से अजमेर तक की यात्रा

मोहम्मद सिद्दिकी ने खुलासा किया कि वह पहले पश्चिम बंगाल में कुछ समय तक रुका, जिसके बाद अजमेर आकर दरगाह क्षेत्र में मजदूरी करने लगा। इसके अलावा वह फकीरों के साथ नशे की लत में भी शामिल हो गया था।

डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू

पुलिस अब मोहम्मद सिद्दिकी के खिलाफ विधिक कार्रवाई के तहत निष्कासन (डिपोर्टेशन) की प्रक्रिया शुरू कर चुकी है। वहीं, अन्य डिटेन किए गए संदिग्धों से भी पूछताछ जारी है, ताकि और घुसपैठियों की पहचान की जा सके।

राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज़ से अहम अभियान

सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि दरगाह क्षेत्र में रह रहे अवैध विदेशी नागरिकों की मौजूदगी, न केवल कानून व्यवस्था के लिए खतरा है, बल्कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकती है। ऐसे में यह अभियान भविष्य में भी सख्ती के साथ जारी रहेगा।


 

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