अजमेर पुलिस की बड़ी स्ट्राइक: 12 साल से पुलिस की आँखों में धूल झोंक रहा जयपुर का हार्डकोर हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार

गौरव कोचर 

अजमेर/जयपुर | 01 अप्रैल, 2026 राजस्थान में वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अजमेर की श्रीनगर थाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने जयपुर के बिन्दायका थाने के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और हार्डकोर अपराधी अशोक जाट को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पिछले 12 वर्षों से फरार चल रहा था और उस पर लूट, डकैती व हत्या के प्रयास जैसे 14 गंभीर मामले दर्ज हैं।

प्रमुख कार्यवाही और टीम

​यह सफलता अजमेर रेंज के महानिरीक्षक (IG) राजेन्द्र सिंह और पुलिस अधीक्षक (SP) हर्षवर्धन अगरवाला के कड़े निर्देशों के बाद मिली है। कार्यवाही का नेतृत्व श्रीनगर थानाधिकारी पारूल यादव ने किया, जिन्हें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (केकड़ी) राजेश कुमार मील और पुलिस उप अधीक्षक (नसीराबाद) कृष्ण कुमार का मार्गदर्शन प्राप्त था।

कौन है आरोपी अशोक जाट?

​गिरफ्तार आरोपी की पहचान अशोक (31), पुत्र जगदीश प्रसाद जाट, निवासी बिन्दायका, जयपुर के रूप में हुई है।

  • हिस्ट्रीशीटर: आरोपी जयपुर के बिन्दायका थाने का घोषित हिस्ट्रीशीटर है।
  • अपराध का ग्राफ: इसके खिलाफ राजस्थान के विभिन्न जिलों (जयपुर, अजमेर, उदयपुर और चित्तौड़गढ़) में कुल 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं।
  • धाराएं: आरोपी पर आईपीसी की गंभीर धाराओं के तहत लूट, डकैती, जानलेवा हमला (धारा 307) और आर्म्स एक्ट के मुकदमे दर्ज हैं।

12 साल का लंबा इंतजार और तकनीकी जाल

​पुलिस के अनुसार, अशोक जाट साल 2014 में श्रीनगर थाना क्षेत्र में हुए एक जानलेवा हमले के मामले में वांछित था। साल 2014 में ही उसने एक के बाद एक कई वारदातों को अंजाम दिया था। न्यायालय से जमानत मिलने के बाद वह भूमिगत हो गया और पिछले 12 सालों से पुलिस को चकमा दे रहा था।

​”आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों (Cyber Intelligence) और मुखबिरों के नेटवर्क का बखूबी इस्तेमाल किया। आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था, लेकिन पुलिस की पैनी नजर से वह बच नहीं सका।”

 

अपराधों का विवरण: एक नजर में

विवरण

जानकारी

कुल मामले

14 गंभीर प्रकरण

क्षेत्र

जयपुर, अजमेर, उदयपुर, चित्तौड़गढ़

मुख्य अपराध

हत्या का प्रयास, डकैती, लूट, मारपीट, आर्म्स एक्ट

फरारी अवधि

2014 से (लगभग 12 वर्ष)

वर्तमान स्थिति

पुलिस रिमांड में, न्यायालयों में मामले विचाराधीन

पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि उसकी फरारी के दौरान उसे शरण देने वाले लोगों और उसकी अन्य संभावित गतिविधियों का पता लगाया जा सके। पुलिस को उम्मीद है कि अशोक की गिरफ्तारी से क्षेत्र में अन्य आपराधिक कड़ियों को जोड़ने में मदद मिलेगी।

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