अजमेर दरगाह में दुकान विवाद ने लिया हिंसक रूप: खादिम पर चाकू-सरिए से हमला, मुंबई का जायरीन भी घायल

अजमेर दरगाह में दुकान विवाद ने लिया हिंसक रूप: खादिम पर चाकू-सरिए से हमला, मुंबई का जायरीन भी घायल

अजमेर

​विश्व प्रसिद्ध अजमेर शरीफ दरगाह परिसर मंगलवार रात उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब फूल और चादर की एक दुकान को लेकर चला आ रहा पुराना विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। दो पक्षों के बीच हुए इस टकराव में एक खादिम पर जानलेवा हमला किया गया, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के दौरान बीच-बचाव में आए मुंबई के एक जायरीन को भी चोटें आई हैं।

नमाज के बाद घात लगाकर किया हमला

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़ित खादिम सैयद तालिब हुसैन मगरिब की नमाज अदा करने के बाद एक जायरीन के साथ दरगाह से बाहर निकल रहे थे। इसी दौरान तीन-चार हमलावरों ने उन पर अचानक हमला बोल दिया। तालिब ने जान बचाने के लिए पास के मोहम्मदी गेस्ट हाउस में शरण लेने की कोशिश की, लेकिन हमलावरों ने वहां भी उनका पीछा नहीं छोड़ा।

चाकू, सरिए और बेसबॉल के डंडों का इस्तेमाल

​प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित के अनुसार, हमलावरों ने लोहे की रॉड, चाकू और बेसबॉल के डंडों से हमला किया। हमलावरों ने तालिब के गले पर चाकू से वार करने का प्रयास किया, जिसे हाथ से रोकने के चक्कर में उनका हाथ गंभीर रूप से जख्मी हो गया। उनके साथ मौजूद मुंबई निवासी जायरीन अजहर के पैर में भी गंभीर चोट आई है। पूरी वारदात दरगाह में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है।

विवाद की जड़: 46 साल पुराना दुकान आवंटन

​घायल के पिता सैयद गौसुल इस्लाम ने बताया कि विवाद लंगरखाना मुसाफिर खाना के पास स्थित दुकान नंबर-8 को लेकर है।

  • 1978: दुकान उनकी मां के नाम आवंटित हुई थी।
  • 1985: मां के इंतकाल के बाद यह दुकान गौसुल इस्लाम के नाम हस्तांतरित हुई।
  • विवाद: आरोप है कि कुछ दूर के रिश्तेदारों ने इसे संयुक्त रूप से चलाने के नाम पर पिछले तीन साल से कब्जा कर रखा है। जब ‘बारी’ (टर्न) बदलने का समय आया, तो दूसरे पक्ष ने दुकान खाली करने से मना कर दिया।

पुलिस और प्रशासन पर उठते सवाल

​गौसुल इस्लाम का दावा है कि उन्होंने 27 जून, 20 नवंबर और 17 दिसंबर को पुलिस अधीक्षक (SP) और कलेक्टर को लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने जान से मारने की धमकियों की रिकॉर्डिंग भी पुलिस को सौंपी थी, लेकिन समय रहते कार्रवाई न होने के कारण यह हिंसक वारदात हुई।

अस्पताल में उपचार और पुलिस जांच

​घटना के तुरंत बाद घायल तालिब को जेएलएन (JLN) अस्पताल में भर्ती कराया गया। दरगाह थाना पुलिस के एएसआई गिरधारी लाल ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित के पर्चा बयान दर्ज किए हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और आरोपियों की तलाश जारी है। इस घटना के बाद दरगाह क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों और जायरीनों में चिंता का माहौल है।

संवाददाता: हरिप्रसाद शर्मा, अजमेर

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