अजमेर दरगाह में टीम इंडिया की जीत के लिए पेश की गई चादर, ‘भारत माता की जय’ से गूंजा परिसर
अजमेर। रिपोर्ट हरि प्रसाद शर्मा पुष्कर, संपादन सुनील शर्मा, टेलीग्राफ टाइम्स।
भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले एशिया कप फाइनल से पहले देशभर में दुआ और प्रार्थनाओं का दौर जारी है। इसी कड़ी में विश्वविख्यात अजमेर शरीफ दरगाह में भी टीम इंडिया की जीत के लिए विशेष दुआ आयोजित की गई।
दरगाह के गद्दीनशीन नादिर अली शाह ने जायरीनों के साथ ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह में चादर और फूल चढ़ाए और भारतीय खिलाड़ियों की सफलता के लिए दुआ मांगी। उन्होंने कहा कि भारत ने एशिया कप के पिछले मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया है और उम्मीद है कि फाइनल में भी तिरंगा बुलंद होगा। नादिर अली शाह ने यह भी कहा कि “हिंदुस्तान जिंदाबाद था, है और हमेशा रहेगा” और हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के बाद टीम इंडिया की जीत देश के उत्साह और मनोबल को और बढ़ाएगी।
देशभक्ति के माहौल में गूंजा नारा
दरगाह परिसर में आयोजित इस दुआ के दौरान माहौल पूरी तरह देशभक्ति से सराबोर नजर आया। बड़ी संख्या में मौजूद जायरीनों ने भारतीय खिलाड़ियों के हौसले और जीत की दुआ की। इस अवसर पर ‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम’ के नारे भी गूंजे, जिससे दरगाह परिसर में उत्साह और गर्व की भावना दिखाई दी।
क्रिकेट और भावनाओं का जुड़ाव
जायरीनों का कहना था कि क्रिकेट केवल खेल नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों की भावनाओं और उम्मीदों से जुड़ा हुआ है। फाइनल मुकाबले में टीम इंडिया की जीत न केवल खिलाड़ियों के लिए, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व और खुशी का क्षण होगी। दरगाह शरीफ से दी गई इस दुआ ने देशवासियों की उम्मीदों और विश्वास को और ऊँचा कर दिया है।
इस अवसर पर स्थानीय मीडिया और नागरिकों ने भी अपने विचार व्यक्त किए कि इस तरह की प्रार्थनाएं राष्ट्रीय भावना को मजबूती देती हैं और खेल के प्रति देशभर के प्रेम को प्रदर्शित करती हैं।