नरेश गुनानी
अजमेर। अजमेर संभाग की चिकित्सा सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के प्रयासों से जवाहर लाल नेहरू (जेएलएन) चिकित्सालय में सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के निर्माण, मरम्मत और उन्नयन कार्यों के लिए 240.73 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इस संबंध में मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) जारी करने के लिए अधिकृत कर दिया गया है।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के निर्माण पर 190.73 करोड़ रुपये और अस्पताल के भवनों के जीर्णोद्धार व उन्नयन पर 50 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। राज्य सरकार ने इन सभी कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए ‘एचएलएल लाइफ केयर लिमिटेड’ को वर्किंग एजेंसी नियुक्त किया है।
एक ही छत के नीचे मिलेंगी सभी सुपर स्पेशलिटी सुविधाएं
बजट घोषणा के तहत बनने वाले इस नए सुपर स्पेशलिटी ब्लॉक के निर्माण और आधुनिक उपकरणों पर कुल 190.73 करोड़ रुपये व्यय होंगे, जिसमें से 151.67 करोड़ रुपये विशुद्ध रूप से सिविल निर्माण कार्यों पर खर्च किए जाएंगे।
इस ब्लॉक के चालू होने से अजमेर संभाग के मरीजों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए जयपुर, दिल्ली या अहमदाबाद जैसे बड़े शहरों की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। नए परिसर में कई प्रमुख विभागों की ओपीडी और आईपीडी सेवाएं एक ही छत के नीचे संचालित होंगी, जिनमें शामिल हैं:
- न्यूरोलॉजी और नेफ्रोलॉजी
- गैस्ट्रो सर्जरी और यूरोलॉजी
- डायलिसिस और ऑन्कोलॉजी सर्जरी
- एंडोक्राइनोलॉजी और प्लास्टिक सर्जरी
50 करोड़ से बदलेगी पुराने भवनों की सूरत (जी+5 स्वरूप में होगा निर्माण)
अस्पताल के मौजूदा बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए 50 करोड़ रुपये की अलग से स्वीकृति दी गई है, जिसमें से 48 करोड़ रुपये सिविल कार्यों पर खर्च होंगे। इस राशि से निम्नलिखित विभागों के भवनों का जी+5 (ग्राउंड प्लस पांच मंजिला) स्वरूप में पुनर्विकास और विस्तार किया जाएगा:
- नेत्र रोग एवं ईएनटी (ENT)
- चर्म रोग (डर्मेटोलॉजी)
- आईएचटीएम (IHTM)
- दंत रोग विभाग
गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का रखा जाएगा विशेष ध्यान
परियोजना के तहत सभी निर्माण कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की मानक डीपीआर और वित्त विभाग के कड़े दिशा-निर्देशों के अनुरूप किए जाएंगे। कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो, इसके लिए विभागीय अभियंताओं के साथ-साथ थर्ड पार्टी एजेंसियों द्वारा नियमित और औचक निरीक्षण सुनिश्चित किया जाएगा। सभी नए भवनों का निर्माण वर्तमान भवन उपविधियों, अग्नि सुरक्षा मानकों और वैधानिक प्रावधानों के अनुसार ही किया जाएगा।
इन दोनों बड़ी परियोजनाओं के धरातल पर उतरने के बाद जेएलएन चिकित्सालय प्रदेश के शीर्ष चिकित्सा संस्थानों में मजबूती से शुमार हो जाएगा। इससे न केवल अजमेर बल्कि आसपास के कई जिलों के लाखों मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही अत्याधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।