अपराधियों में खौफ और आमजन में विश्वास बहाली पर जोर
अजमेर | (हरिप्रसाद शर्मा)
अजमेर के नवनियुक्त पुलिस अधीक्षक (SP) हर्षवर्धन अग्रवाला ने सोमवार को विधिवत पदभार ग्रहण कर लिया। कार्यभार संभालते ही उन्होंने जिले की कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए अपना ‘रोडमैप’ साझा किया। पदभार ग्रहण करने के तुरंत बाद एसपी ने सभी वृत्ताधिकारी (CO) और थाना प्रभारियों के साथ मैराथन बैठक की, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराध नियंत्रण और त्वरित न्याय उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता होगी।
नशे के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ और सामाजिक अपील
जिले में फलते-फूलते नशे के कारोबार पर एसपी ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पुलिस टीमवर्क के साथ ड्रग पेडलर्स पर नकेल कसेगी, लेकिन इसके साथ ही उन्होंने समाज को भी आईना दिखाया।
“नशे की सप्लाई तब तक बनी रहती है जब तक मांग (Demand) होती है। यदि समाज जागरूक हो और मांग कम हो जाए, तो यह काला कारोबार अपने आप दम तोड़ देगा। पुलिस अपने स्तर पर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।”
सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर संदिग्ध, जांच जारी
अजमेर से हाल ही में पकड़े गए आरोपी के मामले पर बोलते हुए एसपी अग्रवाला ने बताया कि जिला पुलिस लगातार राजस्थान एटीएस (ATS) और अन्य केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के संपर्क में है। उन्होंने साफ किया कि जांच के दौरान यदि किसी भी स्थानीय व्यक्ति की संलिप्तता या अपराधियों को मदद पहुंचाने की बात सामने आती है, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।
गैंगस्टर्स को शरण देने वालों को सख्त चेतावनी
शहर की सुरक्षा को लेकर एसपी ने सख्त लहजे में अपील की कि कोई भी व्यक्ति किसी गैंगस्टर या वांछित अपराधी को शरण न दे। उन्होंने कहा कि अपराधियों को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष सहयोग देना कानूनन अपराध है और ऐसे लोगों के खिलाफ पुलिस की विशेष टीमें काम कर रही हैं।
धार्मिक सौहार्द और यातायात प्रबंधन
अजमेर की गंगा-जमुनी तहजीब का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा:
- सांप्रदायिक सद्भाव: दरगाह शरीफ और पुष्कर जैसी विश्व प्रसिद्ध धार्मिक जगहों पर शांति व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की बड़ी जिम्मेदारी है। आगामी आयोजनों के लिए विशेष पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे।
- ट्रैफिक जाम से मुक्ति: बढ़ते वाहनों और संकरी सड़कों की चुनौती को स्वीकारते हुए उन्होंने यातायात सुधार के लिए एक विशेष कार्ययोजना (Special Plan) लागू करने की बात कही।
पारिवारिक विवादों में काउंसलिंग को प्राथमिकता
सामाजिक ताने-बाने को बनाए रखने के लिए एसपी ने एक मानवीय पहल की बात भी कही। उन्होंने निर्देश दिए कि छोटे-मोटे विवादों और पति-पत्नी के झगड़ों को सीधे मुकदमे में बदलने के बजाय काउंसलिंग के माध्यम से सुलझाने का प्रयास किया जाए, ताकि घर टूटने से बच सकें।
एसपी के एक्शन प्लान के मुख्य बिंदु:
- टीमवर्क: पुलिस मुख्यालय की प्राथमिकताओं को जमीनी स्तर पर लागू करना।
- सख्ती: नशा तस्करों और गैंगस्टर्स के खिलाफ विशेष अभियान।
- सहयोग: संदिग्धों की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की आमजन से अपील।
- समाधान: यातायात व्यवस्था और सामुदायिक पुलिसिंग में सुधार।
