अजमेर: आनासागर झील में अवैध मत्स्याखेट पर विभाग का कड़ा एक्शन, नाव और जाल जब्त
| हरि प्रसाद शर्मा
अजमेर। पवित्र आनासागर झील के संरक्षण और अवैध गतिविधियों पर लगाम लगाने के लिए मत्स्य विभाग ने बड़ी कार्यवाही को अंजाम दिया है। सहायक निदेशक मत्स्य मदन सिंह के नेतृत्व में गठित निरीक्षण दल ने औचक छापेमारी के दौरान अवैध मत्स्याखेट के लिए इस्तेमाल किए जा रहे संसाधनों को जब्त किया है।
लावारिस हालत में मिली नाव और करंट वाले जाल
विभागीय जानकारी के अनुसार, मत्स्य विभाग का दल जब नियमित गश्त पर था, तब उन्हें 77 रेस्टोरेंट के पीछे, झील के नाले के नीचे संदिग्ध हलचल का आभास हुआ। गहन तलाशी लेने पर वहां छिपाकर रखी गई:
- एक नाव (2 चप्पू और कड़ों सहित)
- 3 करंट फसला जाल ये उपकरण लावारिस अवस्था में पाए गए। विभाग का मानना है कि इन जालों और नाव का उपयोग रात के अंधेरे में अवैध रूप से मछलियां पकड़ने के लिए किया जा रहा था। हालांकि, निरीक्षण दल ने पूरी चौपाटी और आसपास के क्षेत्र की छानबीन की, लेकिन मौके पर कोई संदिग्ध व्यक्ति हाथ नहीं लगा।
कठोर कार्यवाही की तैयारी: 50 हजार जुर्माना और जेल
जब्त किए गए उपकरणों को मत्स्य विभाग के अजमेर कार्यालय भिजवा दिया गया है। विभाग अब नाव के मालिक की पहचान करने के लिए सघन तफ्तीश कर रहा है।
सहायक निदेशक मदन सिंह ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए बताया कि:
- पहचान पुष्ट होते ही संबंधित पुलिस थाने में नाव मालिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा।
- राजस्थान मत्स्य (संशोधन) विधेयक-2025 के कड़े प्रावधानों के तहत आरोपी पर 50 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- दोषी पाए जाने पर 6 महीने तक की जेल की सजा का भी प्रावधान है।
झील की सुरक्षा हेतु बढ़ाई गई निगरानी
आनासागर में अवैध मत्स्याखेट को रोकने के लिए विभाग ने अब अपनी गश्त और कड़ी कर दी है। विभाग ने स्थानीय लोगों से भी अपील की है कि यदि झील क्षेत्र में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि या अवैध मछली पकड़ने की घटना दिखाई दे, तो तुरंत मत्स्य विभाग को सूचित करें।
