अजमेर: अवैध गैस रिफिलिंग के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़, 42 सिलेंडर व टैंकर जब्त; बारूद के ढेर पर था पूरा इलाका, SP के निर्देश पर बड़ी कार्रवाई

हरि प्रसाद शर्मा 

मांगलियावास/अजमेर। अजमेर जिला पुलिस ने मांगलियावास थाना क्षेत्र में मौत के एक बड़े अड्डों पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए अवैध गैस रिफिलिंग के खेल का भंडाफोड़ किया है। पुलिस अधीक्षक (SP) हर्षवर्धन अग्रवाला के कड़े निर्देशों पर हुई इस बड़ी संयुक्त कार्रवाई में पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में कमर्शियल गैस सिलेंडर, एक विशाल गैस टैंकर और एक पिकअप गाड़ी जब्त की है।

​रात के अंधेरे में हाईवे के किनारे चल रहे इस बेहद खतरनाक और गैरकानूनी कारोबार के मामले में पुलिस ने एक मुख्य आरोपी को भी दबोचा है। इस कार्रवाई से इलाके में लंबे समय से सक्रिय गैस माफियाओं में हड़कंप मच गया है।

​केसरपुरा में होटल के पीछे चल रहा था ‘मौत का खेल’

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसपी हर्षवर्धन अग्रवाला को जिले में अवैध गतिविधियों और हाईवे पर हो रही चोरियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए थे। इसी कड़ी में मांगलियावास थाना प्रभारी हरीश चौधरी के नेतृत्व में पुलिस और रसद विभाग (DST) की संयुक्त टीम ने मुखबिर की पुख्ता सूचना पर केसरपुरा स्थित ‘होटल काका’ के पास बने एक पार्किंग स्थल पर अचानक छापा मारा।

​जब टीम मौके पर पहुंची, तो वहां का नजारा बेहद भयावह और चौंकाने वाला था। सुरक्षा मानकों को पूरी तरह ताक पर रखकर एक बड़े एलपीजी (LPG) गैस टैंकर से सीधे छोटे व्यावसायिक सिलेंडरों में अवैध रूप से गैस की रिफिलिंग की जा रही थी। जरा सी लापरवाही या एक छोटी सी चिंगारी वहां किसी बड़े महाविस्फोट का कारण बन सकती थी।

​मौके से भारी जब्ती और एक आरोपी गिरफ्तार

​पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और मौके से निम्नलिखित वाहन व सामग्री सीज की:

  • 42 भरे व खाली व्यावसायिक (कमर्शियल) गैस सिलेंडर
  • 1 विशाल गैस टैंकर (जिससे गैस चोरी कर रिफिलिंग हो रही थी)
  • 1 पिकअप गाड़ी (नंबर RJ 47 GA 0022, जिसका इस्तेमाल सिलेंडरों की सप्लाई के लिए होना था)

​इस मामले में पुलिस ने मौके से रिफिलिंग कर रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मनोज गुर्जर (33 वर्ष) पुत्र जगदीश गुर्जर, निवासी कीर्ति नगर, फॉयसागर रोड (थाना गंज, अजमेर) के रूप में हुई है।

​लंबे समय से फल-फूल रहा था नेटवर्क, अन्य थानों की भूमिका पर भी सवाल

पैर पसार चुका है गैस माफिया:

स्थानीय जानकारों और सूत्रों का कहना है कि मांगलियावास थाना क्षेत्र सहित राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) के आसपास के कई थाना क्षेत्रों में अवैध गैस रिफिलिंग और टैंकरों से गैस चोरी का यह काला कारोबार लंबे समय से फल-फूल रहा है। इससे पहले कोई प्रभावी और ठोस कार्रवाई न होने के कारण इन माफियाओं का नेटवर्क लगातार मजबूत होता गया। इस ताजा और बड़ी कार्रवाई के बाद अब स्थानीय ग्रामीणों को उम्मीद जगी है कि पुलिस इस पूरे सिंडिकेट को नेस्तनाबूद करेगी।

 

​चंद रुपयों का लालच और हजारों जिंदगियों से खिलवाड़

​अवैध गैस रिफिलिंग का यह कारोबार न केवल राजस्व की चोरी है, बल्कि यह बेहद संवेदनशील और रिस्की है।

  • विस्फोट का परमानेंट खतरा: रिफिलिंग के दौरान किसी भी तकनीकी गड़बड़ी या रिसाव (Leakage) से यदि आग लग जाए, तो वहां खड़े गैस टैंकर और दर्जनों सिलेंडरों में चेन-ब्लास्ट (एक के बाद एक विस्फोट) हो सकता है।
  • दहशत में राहगीर और ग्रामीण: हाईवे के पास स्थित इस जगह के आसपास कई होटल, दुकानें, रिहायशी मकान और चौबीसों घंटे गुजरने वाले राहगीर व वाहन चालक हैं। यदि कोई बड़ा हादसा होता है, तो भारी जनहानि और करोड़ों की संपत्ति के नुकसान को टाला नहीं जा सकता।

​जनता की मांग: केवल एक ‘मोहरे’ की गिरफ्तारी से काम नहीं चलेगा

​स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना की है, लेकिन साथ ही मांग उठाई है कि पुलिस जांच केवल इस एक पकड़े गए आरोपी (मनोज गुर्जर) तक ही सीमित न रहे। इस अवैध कारोबार के पीछे असली ‘मास्टरमाइंड’ कौन है? टैंकर कहां से आ रहा था और यह अवैध गैस किन-किन ढाबों, होटलों या फैक्ट्रियों में सप्लाई की जानी थी? इस पूरे नेटवर्क और इसके संरक्षकों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

जांच जारी है: मांगलियावास थाना पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी मनोज गुर्जर से गहन पूछताछ की जा रही है। रसद विभाग और पुलिस की टीमें इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सप्लायरों और सरगनाओं की कुंडली खंगाल रही हैं, जल्द ही इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां संभव हैं।

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